Haryana News: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी मुहिम को जारी रखते हुए फतेहाबाद में आबकारी एवं कराधान विभाग से जुड़े रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विभाग के एक चपरासी धोलूराम और सुशील कुमार चालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में थाना SV&ACB हिसार में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत एफआईआर संख्या 15 दिनांक 2 जून 2026 दर्ज की गई है। मामले में आबकारी एवं कराधान अधिकारी (ETO) के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। उनकी भूमिका की जांच जारी है।
*क्या था मामला-*
जींद जिले के निवासी ने शिकायत दी थी कि वह शहर फतेहाबाद से स्क्रैप की पुरानी बैटरी दुकानदारों से खरीद कर नरवाना व जींद शहर में बेचता है।शिकायकर्ता ने बताया कि उसके पास पिक अप गाड़ी है जिसमें वह माल की सप्लाई करता है। एक दिन जब वह अपनी गाड़ी में सामान लोड कर रहा था तब आबकारी एवं कराधान कार्यालय में तैनात ईटीओ सचिन,चालक धोलूराम व सुशील कुमार (चपरासी) आए और उसके वाहन का चालान करने का डर दिखाकर उससे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग करने लगे।
शिकायत की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर SV&ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप का आयोजन किया। इस दौरान आरोपी सुशील कुमार (चपरासी) ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त की, जबकि चालक धोलूराम भी इस अवैध लेन-देन में शामिल पाया गया। टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप की पूरी प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 105 के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की गई।
*भ्रष्टाचार के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाएं, रिश्वत मांगने वालों की तुरंत करें शिकायत : ए.एस. चावला, ब्यूरो प्रमुख*
हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रमुख श्री ए.एस. चावला ने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इसी संकल्प को साकार करने के लिए ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कानून के अनुसार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आमजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है या किसी प्रकार की अवैध आर्थिक लाभ की अपेक्षा करता है, तो नागरिक इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो के टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 अथवा 1064 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।