Haryana News: हरियाणा सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए बड़ी सुविधा की घोषणा की है। राज्य सरकार प्रदेश के 9 जिलों में एकीकृत सैनिक सदन स्थापित करने जा रही है। इन केंद्रों में सैनिकों और पूर्व सैनिकों को कई सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि पूर्व सैनिकों और जवानों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अब उन्हें एक ही जगह पर स्वास्थ्य, कल्याण और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
इन जिलों में बनेंगे सैनिक सदन
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग ने इसके लिए पलवल, पानीपत, नारनौल, फतेहाबाद, जींद, नूंह, रेवाड़ी, झज्जर और गुरुग्राम जिलों का चयन किया है। इन सभी जिलों में आधुनिक सुविधाओं से लैस सैनिक सदन बनाए जाएंगे, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। इन एकीकृत सैनिक सदनों में सैनिक कल्याण विभाग के कार्यालय भी होंगे। इसके साथ ही यहां पॉलीक्लीनिक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जहां पूर्व सैनिक और उनके परिवार स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इसके अलावा ECHS (पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना) की सुविधा और CSD कैंटीन भी इन केंद्रों में मौजूद होगी।
सैनिकों को मिलेंगी ये सुविधा
दूर-दराज से आने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए यहां रुकने और विश्राम करने की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। परियोजनाओं की लागत की बात करें तो पलवल में लगभग 12.35 करोड़ रुपये, पानीपत में 5.25 करोड़ रुपये, नारनौल में 14.78 करोड़ रुपये और जींद में 9.98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं रेवाड़ी में सैनिक सदन के लिए जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) से 2.95 करोड़ रुपये में खरीदी गई है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं भवन) को सौंपी गई है।
क्या है योजना का उद्देश्य
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के महानिदेशक संजय जून ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य सैनिकों और पूर्व सैनिकों को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें समय और संसाधनों की बचत हो सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से सैनिक परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी समस्याओं का समाधान तेज और सरल तरीके से हो सकेगा।
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