Haryana News: हरियाणा के गुरुग्राम में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुरुग्राम की पुलिस टीम ने इस मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, 12 मई 2026 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 7 मई से 11 मई 2026 के बीच खुद को CBI अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने उसे डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर धमकाया। आरोपियों ने पीड़ित को कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उसके खाते से RTGS के माध्यम से कुल 42 लाख 92 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
शिकायत मिलने के बाद थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड के रुड़की से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुहैल अख्तर, अनस अंसारी और उस्मान के रूप में हुई है। सुहैल और अनस को 2 जून 2026 को जबकि उस्मान को 3 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले 17 मई 2026 को हरियाणा के जींद निवासी अवधेश और रेवाड़ी निवासी मनोज कुमार को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अवधेश, मनोज कुमार और सुहैल अख्तर के बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था। वहीं अनस अंसारी और उस्मान ठगी की रकम को बैंक खातों से निकालकर कमीशन के बदले अन्य लोगों तक पहुंचाने का काम करते थे।
पुलिस अब आरोपियों से इस मामले के अलावा अन्य साइबर अपराधों में उनकी संलिप्तता को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस को इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।