
Raid On Formern Police Constable: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां परिवहन विभाग के पू्र्व सिपाही सौरभ शर्मा के घर पर लोकायुक्त ने छापेमारी की है। इस दौरान पूर्व सिपाही की दौलत देख लोकायुक्त टीम के अधिकारी चक्कर खा गए। जांच अधिकारी हैरान रह गए की आखिरकार सात साल की नौकरी में इतनी संपत्ति कहां से आई?
बता दें कि लोकायुक्त विभाग की छापेमारी के दौरान पूर्व सिपाही के घर से 2 करोड़ 85 लाख कैश बरामद हुआ है। इसके अलावा, 60 किलो की चांदी की सिल्लियां भी बरामद हुई है। साथ ही चार डिसकवरी एसयूवी बी जब्त की गई है। लोकायुक्त टीम को सौरभ के घर से करोड़ों रुपए की संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं।
नोट गिनने की की मशीने भी मिली
हालांकि, हैरान करने वाली बात ये है कि लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा के घर से नोट गिनने वाली मशीनें भी जब्त की है। लोकायुक्त विभाग ने संदेह जताया है कि पू्र्व सिपाही किसी हवाला नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। इसलिए ये भी जांच की जा रही है कि उनकी संपत्ति अन्य शहरों में भी है या नहीं। बता दें कि भोपाल में लोकायुक्त विभाग ने परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही घर और दफ्तर में गुरुवार यानी 19 दिसंबर को छापेमारी की। हालांकि, इस दौरान सौरभ शर्मा घर पर नहीं था।
लोकयुक्त विभाग को मिली थी शिकायत
बता दें कि लोकायुक्त विभाग को आय से अधिक संपत्ति मामले की शिकायत मिली थी। जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने सौरभ शर्मा के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कई बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ। बता दें कि सौरभा शर्मा ने डेढ़ साल पहले आरटीओ कांस्टेबल के पद से वीआरएस ले लिया था। उसके बाद वह बिल्डर बन गया था। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, सौरभ शर्मा को नौकरी अनुकंपा पर 2025 में मिली थी। क्योंकि, परिवहन विभाग में नौकरी कर रहे उनके पिता कि मृत्यु हो गई थी। हालांकि, सात साल नौकरी करने के बाद सौरभ शर्मा ने वीआरएस ले लिया था। जिसके बाद सौरभ कंस्ट्रक्शन का कारोबार करने लगा था।
Leave a comment