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बठिंडा में किसान यूनियन और पुलिस आमने-सामने, आंसू गैस से भीड़ हटाई गई

बठिंडा में किसान यूनियन और पुलिस आमने-सामने, आंसू गैस से भीड़ हटाई गई

Farmers Protest: पंजाब के बठिंडा के ज्योंद गांव में बुधवार को पुलिस और Bharatiya Kisan Union (Ekta Ugrahan) के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार टकराव हो गया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। जानकारी के अनुसार, BKU के कार्यकर्ता जिला प्रशासनिक परिसर तक पहुंचकर धरना देना चाहते थे। लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया। इसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया है कि इस झड़प में कई किसान कार्यकर्ता घायल हुए हैं।

शहर के प्रवेश मार्गों पर लगे बैरिकेड

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। अंतर-जिला सीमाओं और शहर के प्रवेश मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में शहर में प्रवेश न कर सकें। पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। किसान यूनियन अपने नेताओं बलदेव सिंह और शगनदीप सिंह की रिहाई की मांग कर रही है। दोनों नेता पिछले साल जनवरी में डीएसपी राहुल भारद्वाज पर कथित हमले के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। यूनियन की मांग है कि उनके खिलाफ लगाए गए हत्या के प्रयास के आरोप वापस लिए जाएं।

यूनियन ने किया धरने का ऐलान

इससे पहले जिला अदालत और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हालांकि आज हाईकोर्ट में उनकी नई जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि 6 फरवरी को भी इसी तरह की हिंसक झड़प हुई थी। उस समय भी प्रशासन और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। लेकिन, प्रशासन का कहना है कि मामला अदालत में विचाराधीन है और यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। चेतावनी के बावजूद यूनियन ने धरना देने का ऐलान किया, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन इलाके में तनाव अभी भी बना हुआ है।  

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