Sonu Sood on Satya Niketan PG incident: दिल्ली में सत्य निकेतन भवन गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। इसी बीच, निर्माण एवं सुरक्षा नियमों के अनुपालन पर सवाल उठाते हुए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने मंगलवार को शहरों में छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की मांग की। सूद ने कहा कि हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए दूसरे शहर में घर छोड़ते हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करना आवश्यक है। सूद ने एक पोस्ट में कहा 'हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को साकार करने के लिए दूसरे शहर में घर छोड़ते हैं। लेकिन क्या हम उन्हें रहने के लिए सुरक्षित जगह दे रहे हैं?'
सत्य निकेतन PG हादसे पर क्या बोले सोनू सूद?
सोनू सूद ने बताया कि दिल्ली में लगभग सात लाख छात्र नामांकित हैं, जबकि छात्रावासों की क्षमता केवल 30,000 है, यानी लगभग 31 छात्रों में से केवल एक को ही छात्रावास मिल पाता है। उन्होंने आगे कहा 'दिल्ली में लगभग सात लाख छात्र नामांकित हैं, जबकि छात्रावासों की क्षमता केवल 30,000 है - यानी 31 छात्रों में से केवल 1 को ही छात्रावास मिलता है। विश्वविद्यालयों के आसपास की खाली सरकारी जमीनों की पहचान करके वहां सुरक्षित और किफायती छात्र छात्रावास क्यों नहीं बनाए जाते? विश्वविद्यालयों को परिसर में अधिक आवास बनाने के लिए अतिरिक्त भवन निर्माण की अनुमति भी दी जा सकती है।'
Also read: Mirzapur Collection Day: कालीन भैया का भौकाल थिएटर में भी कायम, पहले ही वीकेंड में वर्ल्डवाइड 100 करोड़ के पार पहुंचा 'मिर्जापुर: द मूवी' का कलेक्शन
सूद ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों के आसपास की खाली सरकारी जमीनों की पहचान की जाए और उन पर सुरक्षित और किफायती छात्र छात्रावास बनाने की अनुमति दी जाए या उनका निर्माण किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों को परिसर में अधिक आवास उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त भवन निर्माण की अनुमति देने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा 'छात्रों को सुरक्षा मिलती है। अभिभावकों को मानसिक शांति मिलती है। विश्वविद्यालय और सरकारें राजस्व अर्जित करती हैं। और सबसे महत्वपूर्ण बात, हम जीवन की रक्षा करते हैं। कभी-कभी, नीति में एक छोटा सा बदलाव किसी के सबसे बड़े सपने को बचा सकता है।'
PG मालिक समेत पत्नी-बेटे पर कार्रवाई
सत्य निकेतन भवन के ढहने से बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया और निर्माण एवं सुरक्षा नियमों के अनुपालन पर सवाल उठने लगे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि 12 लोगों को बचा लिया गया है। इस बीच, पटियाला हाउस के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने सोमवार रात महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। जबकि उनके माता-पिता, हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्हें देर रात ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया। उन्हें सत्य निकेतन भवन ढहने के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी।