Search KhabarFast

Press ESC to close

राहुल गांधी ने संभाली ‘चीफ सेलेक्टर’ की भूमिका, कांग्रेस में 60% से ज्यादा सचिव बदलने की तैयारी

राहुल गांधी ने संभाली ‘चीफ सेलेक्टर’ की भूमिका, कांग्रेस में 60% से ज्यादा सचिव बदलने की तैयारी

Political News: कांग्रेस में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से अपनी नई टीम तैयार करने में जुट गई है। इसी कड़ी में 10 जनपथ पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पद के लिए नेताओं के इंटरव्यू चल रहे हैं। इस प्रक्रिया में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल भी उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के मुताबिक करीब 120 नेताओं का इंटरव्यू लिया जाना है। इसके बाद कांग्रेस नए राष्ट्रीय सचिवों का चयन करेगी। वरिष्ठ नेताओं को करीब 10-10 के समूह में चर्चा के लिए बुलाया जा रहा है। एक दिन में करीब 25 से 30 नेताओं के इंटरव्यू लिए गए।

60 फीसदी से ज्यादा सचिव बदलने की तैयारी

कांग्रेस के इस संगठनात्मक बदलाव का दायरा काफी बड़ा बताया जा रहा है। पार्टी अपने मौजूदा राष्ट्रीय सचिवों में से 60 फीसदी से ज्यादा को बदलने की तैयारी कर रही है। नई टीम में युवा और अपेक्षाकृत नए संगठनात्मक चेहरों को प्राथमिकता देने की योजना है। इससे साफ है कि पार्टी केवल खाली पद भरने के बजाय संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव करना चाहती है।

संगठन सृजन अभियान से जुड़ा चयन

राष्ट्रीय सचिवों के चयन को कांग्रेस के ‘संगठन सृजन’ अभियान से भी जोड़ा जा रहा है। जिन नेताओं ने इस अभियान के तहत पर्यवेक्षक के तौर पर काम किया है, उन्हें सचिव पद के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है, जिनके काम को जमीनी स्तर पर पहले ही परखा जा चुका है।

2029 के लिए अभी से टीम तैयार

कांग्रेस के इस कदम का सबसे बड़ा संदेश यह है कि पार्टी 2029 के चुनाव की तैयारी चुनावी साल में शुरू करने के बजाय अभी से संगठन तैयार करना चाहती है। राहुल गांधी को इस पूरी प्रक्रिया में ‘चीफ सेलेक्टर’ की भूमिका में देखा जा रहा है। जिला अध्यक्षों से लेकर राष्ट्रीय सचिवों तक नए चेहरों को मौका देने पर जोर दिया जा रहा है।

यूथ कांग्रेस और NSUI की तर्ज पर चयन

कांग्रेस पहले ही यूथ कांग्रेस और NSUI में इंटरव्यू के जरिए संगठनात्मक पदों पर चयन का प्रयोग कर चुकी है। अब इसी मॉडल को पार्टी के वरिष्ठ संगठनात्मक ढांचे में भी लागू किया जा रहा है। हालांकि, कुछ नेताओं के हाल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बावजूद सचिव पद के इंटरव्यू में बुलाए जाने से पार्टी के कुछ वर्गों में नाराजगी भी बताई जा रही है।

चुनाव से पहले नेताओं को परखने की रणनीति

पार्टी की रणनीति अब केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय नेताओं को पहले से जिम्मेदारी देने और उनके प्रदर्शन को परखने की नजर आ रही है। 2029 के लोकसभा चुनाव में अभी ढाई साल से ज्यादा का समय है। ऐसे में कांग्रेस जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं की पहचान कर उन्हें जिम्मेदारी देने और उनके प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसका उद्देश्य चुनाव से पहले एक मजबूत और सक्रिय संगठन तैयार करना है।

Also read: Punjab News: क्या फिर से हाथ थामने की तैयारी कर रहे कैप्टन अमरिंदर? बदले सियासी सुरों ने चर्चाओं को दी हवा

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

Punjab News: क्या फिर से हाथ थामने की तैयारी कर रहे कैप्टन अमरिंदर? बदले सियासी सुरों ने चर्चाओं को दी हवा

Punjab News: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बाजार में चर्चाओं को दौर जारी है। चर्चा इस बात की है कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह फिर से कांग्रेस में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। इसक वजह साफ दिख रही है क्योंकि, हाल में कैप्टन अमरिंदर ने पीएम मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान पर सवाल उठाए थे।

Political News: 'निशु, मैं तुम्हारे साथ हूं'... निशु के समर्थन में अमित शाह से राहुल गांधी ने पूछे सवाल

Political News: लोकसभा में विपक्ष की नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को कार्यकर्ता निशु आज़ाद का समर्थन किया। निशु आज़ाद ने केंद्र सरकार पर उनके पिता पर कथित हमले के आरोपी को बचाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में गांधी ने आज़ाद की अपील का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि आरोपी का जुर्म कबूल करते हुए वायरल वीडियो के बावजूद, दिल्ली पुलिस डेढ़ महीने से अधिक समय से कोई कार्रवाई करने में विफल रही है।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast