धुरंधर 2’ की ताबड़तोड़ कमाई लेकिन क्या है सफलता का राज, विवाद, राजनीति या दमदार कंटेंट?

धुरंधर 2’ की ताबड़तोड़ कमाई लेकिन क्या है सफलता का राज, विवाद, राजनीति या दमदार कंटेंट?

Dhurandhar 2 Box Office Collection: रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ 19मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है। पेड प्रीव्यू के साथ पहले दिन ही भारत में 100करोड़ से ज्यादा नेट कलेक्शन और वर्ल्डवाइड 300करोड़ के पार पहुंचकर यह फिल्म नया रिकॉर्ड बना चुकी है। लेकिन इसके साथ ही सियासी घमासान भी छिड़ गया है। विपक्षी नेता इसे ‘प्रोपगैंडा’ बता रहे हैं, तो दर्शक थिएटर में तालियां बजा रहे हैं। तो सवाल यह है कि इस ब्लॉकबस्टर की असली कामयाबी का राज क्या है – कंट्रोवर्सी, पॉलिटिक्स या फिर कंटेंट?

बता दें, फिल्म स्पाई एक्शन थ्रिलर है, जिसमें रणवीर सिंह जसकीरत सिंह रंगी उर्फ हमजा के रोल में हैं। कहानी कराची के अंडरवर्ल्ड, पाकिस्तान की साजिशों और भारत की जवाबी कार्रवाई पर घूमती है। पार्ट-1की सफलता के बाद यह सीक्वल और भी बड़े स्केल पर बना है। ट्रेड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्रीव्यू में 43करोड़ का कलेक्शन हुआ, जबकि पहले दिन भारत में 102करोड़ नेट और कुल वर्ल्डवाइड 330करोड़ ग्रॉस तक पहुंच गया।

ऑडियंस और सेलिब्रिटीज की राय

दर्शकों और सेलिब्रिटीज की राय में फिल्म की तारीफें सुनकर लगता है कि कंटेंट ही असली हथियार है। अल्लू अर्जुन ने इसे ‘पैट्रियॉटिज्म विद स्वैग’ कहा और रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को ‘ब्रिलियंट’ करार दिया। विजय देवराकोंडा, कार्तिक आर्यन, प्रीति जिंटा और राम गोपाल वर्मा जैसे सितारों ने भी फिल्म को ‘जबरदस्त’ और ‘थिएट्रिकल एक्सपीरियंस’ बताया। वहीं, ऑडियंस रिव्यूज में हाई-ऑक्टेन एक्शन, ट्विस्टेड स्टोरी, इमोशनल क्लाइमेक्स और रणवीर-अर्जुन रामपाल की जोड़ी की चर्चा है। कई लोग कह रहे हैं कि 4घंटे की लंबाई के बावजूद फिल्म कहीं भी बोर नहीं करती। क्रिटिक्स ने भी 3.5स्टार दिए हैं और इसे ‘मास एंटरटेनमेंट’ का बेहतरीन उदाहरण माना है।

धुरंधर 2को बताया पॉलिटिक्स

लेकिन कामयाबी के बीच विवाद भी कम नहीं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने फिल्म को ‘बकवास’ बताया और डेमोनेटाइजेशन को ‘मास्टर स्ट्रोक’ दिखाने पर सवाल उठाया। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी और एसटी हसन ने इसे ‘पाकिस्तानी फिल्म’ जैसे आरोप लगाते हुए मुस्लिम समुदाय की छवि खराब करने का दावा किया। AIMIM के वारिस पठान ने ‘द केरला स्टोरी’ से तुलना करते हुए बैन की मांग की। दावा है कि फिल्म में अतीक अहमद जैसे गैंगस्टर-पॉलिटिशियन का किरदार (अतिफ अहमद) जेल से अपराध चलाते हुए और पाकिस्तान की आईएसआई से लिंक दिखाया गया है, जो असल घटनाओं से मिलता-जुलता है। कुछ ने इसे चुनावी मौसम में ‘सरकारी एजेंडा’ बताया। यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी इसे ‘बीजेपी प्रोपगैंडा’ करार दिया।

विवाद ने फिल्म को फ्री प्रमोशन जरूर दिया। सोशल मीडिया पर डिबेट्स, न्यूज चैनलों पर बहसें और ऑनलाइन चर्चाएं बढ़ीं, जिससे क्रेज और भी तेज हुआ। लेकिन क्या सिर्फ कंट्रोवर्सी और पॉलिटिक्स से कोई फिल्म 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर सकती है? पार्ट-1 की तरह इस बार भी दर्शक थिएटर जाकर फिल्म देख रहे हैं। वर्ड ऑफ माउथ पॉजिटिव है। जहां कुछ क्रिटिक्स इसे ‘हाइपर-नेशनलिस्ट’ मानते हैं, वहीं आम दर्शक इसे ‘देशभक्ति का तड़का’ के साथ एंटरटेनमेंट का पैकेज बता रहे हैं।

Leave a comment