Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में आयोजित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और क्लस्टर गठन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे।
कुरुक्षेत्र में 2000 एकड़ में प्राकृतिक खेती का क्लस्टर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र जिले में 2,000 एकड़ का प्राकृतिक खेती क्लस्टर विकसित किया जाएगा। यह योजना “स्मार्ट एग्रीकल्चर” मॉडल के तहत लागू होगी।
उन्होंने कहा कि यदि इस प्रयोग में किसानों को किसी प्रकार का नुकसान होता है तो उसकी पूरी भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल का 180 एकड़ प्राकृतिक कृषि फार्म किसानों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य कर रहा है, जहां रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता।
जीवामृत और गौ-आधारित खेती का मॉडल
इस फार्म में केवल गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार जीवामृत, घन जीवामृत और बीजामृत का उपयोग किया जाता है। इसे कम लागत वाली और टिकाऊ कृषि पद्धति बताया गया है।
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2 लाख किसानों का प्राकृतिक खेती पोर्टल पर पंजीकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में शुरू की गई प्राकृतिक खेती योजना के तहत एक पोर्टल भी विकसित किया गया है। अब तक इस पर लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि का पंजीकरण कराया है।
इनमें से 23,930 किसानों को 44,077 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के लिए सत्यापित किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में अब तक 20,727 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाई गई है।
प्रशिक्षण केंद्रों से किसानों को मिल रहा प्रशिक्षण
सरकार ने कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। अब तक 12,188 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें किसान, महिलाएं और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा 6,234 सरपंचों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है।
देसी गाय पर बढ़ी सब्सिडी और नई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025 से देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा किसानों को चार ड्रम खरीदने के लिए 3,000 रुपये की सहायता भी दी जा रही है।
2,500 किसानों को 75 लाख रुपये और 1,171 देसी गाय की खरीद के लिए 2.97 करोड़ रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में दी गई है।
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मंडियों और बाजार को लेकर नई व्यवस्था
सरकार ने घोषणा की है कि कृषि विभाग की लगभग 800 एकड़ भूमि केवल उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी जो कम से कम 10 वर्षों तक प्राकृतिक या जैविक खेती करेंगे।
इसके अलावा, पंचायत भूमि पर भी इसी तरह की नीति बनाई जाएगी। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को मंडियों में स्थान, प्रयोगशाला परीक्षण सुविधा और एपीडा मान्यता प्राप्त प्रमाणन केंद्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
मोरनी ब्लॉक बनेगा प्राकृतिक खेती का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के मोरनी ब्लॉक को प्राकृतिक और जैविक खेती के मॉडल ब्लॉक के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि राज्य में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिल सके।