
Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा के उपचुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों जगह 5फरवरी को मतदान होगा और नतीजे 8फरवरी को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवालों का सिलसिलेवार जवाब
राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शायरी के अंदाज में की। उन्होंने कहा, "शिकायत भले ही उनकी मजबूरी हो, मगर सुनना, सहना और सुलझाना हमारी आदत तो है।" इसके बाद उन्होंने वोटर लिस्ट और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को शामिल किया जाता है। नाम जोड़ने या हटाने के लिए फॉर्म 6और फॉर्म 7का इस्तेमाल होता है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाती है ताकि लोग शिकायत दर्ज करा सकें। इसके बाद फाइनल लिस्ट जारी होती है।
EVM की पारदर्शिता पर जोर
ईवीएम से जुड़े सवालों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदान से पहले मॉक पोल किया जाता है और ईवीएम को सील कर स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाता है। मतदान खत्म होने के बाद फॉर्म 17सी के जरिए डेटा का मिलान किया जाता है। काउंटिंग के दौरान VVPAT पर्चियों का रैंडम मिलान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित और हैक-प्रूफ है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी इस पारदर्शी प्रणाली पर भरोसा जता चुके हैं।
वोटर टर्नआउट में अंतर का कारण
मतदान प्रतिशत में अंतर के सवाल पर चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदान के बाद ईवीएम लॉक करने जैसी प्रक्रियाएं होती हैं। इस कारण शुरुआती आंकड़े अंतिम नहीं माने जाते। रात में या अगली सुबह तक अपडेट किया जाता है।
उन्होंने बताया कि 2019के बाद हर विधानसभा क्षेत्र में 5-5 VVPAT पर्चियों का मिलान अनिवार्य है। अब तक एक भी वोट में अंतर नहीं पाया गया है।
ईवीएम से निष्पक्ष चुनाव का भरोसा
राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम और VVPAT की पारदर्शी प्रणाली से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित होते हैं। उन्होंने पेपर बैलेट की पुरानी प्रणाली को अस्वीकार करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया को कमजोर कर सकती है।चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया कि 5 फरवरी को चुनाव पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होंगे।
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