Kajal Raju IAS Story: सिविल सेवा परीक्षा में कई चुनौतियां आई, लेकिन केरल की काजल राजू ने सभी चुनौतियां को पार कर एक नई मिसाल पेश की है। जन्म से दाहिना हाथ न होने के बावजूद काजल ने अपनी लगन और मेहनत से UPSC CSE 2025 में ऑल इंडिया रैंक 167 हासिल कर IAS अधिकारी बनने की राह पर हैं। उनकी कहानी कई युवाओं को प्रेरित करती हैं। उन्हें सिखाती है कि शारीरिक चुनौती को कभी अपनी सफलता की राह में नहीं आने देना चाहिए।
जन्मजात बीमारी के साथ पैदा हुईं काजल
बता दें, 27 वर्षीय काजल राजू का जन्म केरल के कासरगोड जिले में हुआ। लेकिन वह फोकोमेलिया सिंड्रोम (Phocomelia Syndrome) जन्मजात बीमारी के साथ पैदा हुईं। इस सिंड्रोम की वजह से उनका दाहिना अग्रभाग (forearm) विकसित ही नहीं हो पाया। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इस शारीरिक चुनौती की वजह से हार नहीं मानी। पढ़ाई-लड़ाई के दौरान उन्हें समाज की कई परेशानियों को सामना करना पड़ा। लेकिन कमजोर पड़ने की बजाय उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया।
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IIT मद्रास से शुरू हुआ UPSC का सपना
काजल ने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करते हुए IIT Madras से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। लेकिन उन्होंने कॉपरेट दुनिया की सपना छोड़ देश और समाज की सेवा करने की ठानी और UPSC की तैयारी शुरु की। इस दौरान अपनी मन लगाकर पढ़ाई शुरु की और अपने पहले ही प्रयास में सफलता भी हासिल कर ली। काजल ने UPSC में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 910 प्राप्त की और उनका चयन इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (IRMS)के लिए हो गया। लेकिन उन्हें और आगे बढ़ना था। जिसके बाद उन्होंने IAS बनने का सपना देखा।
IAS बनने का सपना
रेलवे में नौकरी करते हुए काजल ने UPSC की तैयारी जारी रखी। पर उनका ये सफर आसन नहीं था। पहले 3 प्रयास में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन हार न मानते हुए चौथे प्रयास में उन्हें सफलता मिली। काजल बताती है कि Prelims पास न करने पर उनका टूट चुकी थी। पर चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने नोट्स बनाए, अपनी हर गलती को डिटेल में लिखा, जिससे उन्हें सुधार में काफी मदद मिली। काजल राजू ने सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 167 हासिल की। जिससे वह अपने IAS बनने के सपने के करीब आ गई।