
नई दिल्ली: मंगलवार की सुबह-सुबह नेपाल में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई। नेपाल के साथ-साथ चीन और भारत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। बिहार, सिक्किम, असम और नॉर्थ बंगाल सहित भारत के कई इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। तिब्बत में 6.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
मंगलवार की सुबह 6:40 पर बिहार के कई जिलों मोतिहारी, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, सिवान, अररिया, सुपौल और मुजफ्फरपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। साथ ही बंगाल के कुछ हिस्सों और सिक्किम में भी भकंप की वजह से धरती हिली। जानकारी के अनुसार, पांच सेकंड तक धरती हिलती रही. लोग भूकंप के झटके महसूस होने पर डरकर अपने घरों से बाहर निकलने लगे।
क्यों आते हैं भूकंप?
दरअसल, धरती की मोटी परत जिसे क्टोसनिक प्लेट्स कहा जाता है, वह अपनी जगह से खिसकती रहती है। ये प्लेधट्स अमूमन हर साल करीब 4-5मिमी तक अपने स्थान से खिसक जाती हैं। ये क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर , दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इस क्रम में कभी कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। इस दौरान कभी-कभी ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। ऐसे में ही भूकंप आता है और धरती हिल जाती है। ये प्लेटें सतह से करीब 30-50किमी तक नीचे हैं।
कैसे करें बचाव?
अगर अचानक भूकंप आ जाए तो घर से बाहर खुले में निकल जाएं। यदि आप घर में फंस गए हों तो बेड या मजबूत टेबल के नीचे छिप जाएं। घर के कोनों में खड़े होकर भी खुद को बचा सकते हैं। भूकंप आने पर लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें। खुले स्थान में जाएं, पेड़ व बिजली की लाइनों से दूर रहें। इसके अलावे भूकंप रोधी मकान भी उतने ही जरूरी होते हैं। यह हालांकि बहुत महंगा नहीं होता, पर इसे लेकर लोगों में जागरूकता की कमी के कारण अक्स र लोग इसकी अनदेखी कर बैठते हैं।
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