
Mustafa Ahmed Fitness Trainer: मुस्तफा अहमद ने हाल ही में ब्लॉकबस्टर धुरंधर 2 में अपने किरदार रिजन-हमजा के वफादार साथी के रूप में जबरदस्त तारीफ बटोरी है। लेकिन उनके इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी बिल्कुल आसान नहीं रही। उनकी जिंदगी मुश्किलों, अनिश्चितताओं और साहसिक फैसलों से भरी रही है, जिन्होंने उन्हें सफलता की राह पर खड़ा किया।
स्कूल छोड़ना पड़ा
मुस्तफा के शुरुआती साल चुनौतीपूर्ण थे। जैग ऑफ ऑल ट्रेड्स पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि उन्हें डिस्लेक्सिया था, जिसके कारण पढ़ाई में मुश्किल होती थी और उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। किताबों से उम्मीद जैसी संतुष्टि नहीं मिली, लेकिन खेल-कूद, नृत्य और शारीरिक गतिविधियों में उन्हें खुद पर भरोसा मिला।
कॉल सेंटर में किया काम
21 साल की उम्र में मुस्तफा ने कॉल सेंटर में लीडरशिप की नौकरी पाई, जो उस समय अच्छी कमाई देने वाली थी। लेकिन एक छोटी घटना ने उनकी जिंदगी बदल दी। दिल्ली के जनकपुरी के जिम में उन्होंने देखा कि एक महिला को उसके ट्रेनर ने नजरअंदाज किया। उन्होंने मदद की और कुछ महीनों बाद उस महिला ने उन्हें एक पत्र दिया। पत्र में उसने लिखा कि उनके मार्गदर्शन से उसे खुशी और ऊर्जा मिली। इसके बाद मुस्तफा ने अपनी स्थिर नौकरी छोड़ दी और जिम में केवल 10,000 रुपये मासिक पर काम करना शुरू किया।
कैसे बने टॉप जिम ट्रेनर?
मुस्तफा का दिन जल्दी शुरू होता और लंबी ट्रेनिंग सत्रों के बाद खत्म होता। मेहनत और लगन से उन्होंने फिटनेस फर्स्ट, कनॉट प्लेस में नौकरी पाई। जल्द ही वह क्षेत्र के टॉप ट्रेनर बन गए और उनके काम की सराहना होने लगी। उन्होंने महसूस किया कि अंतरराष्ट्रीय ट्रेनर्स को ज्यादा मान्यता मिलती है जबकि भारतीय प्रतिभा अक्सर नजरअंदाज रहती है।
आदित्य धर ने दिखाया भरोसा
फिटनेस में सफलता के बाद, मुस्तफा ने नया कदम उठाया और एक्टिंग की ओर रुख किया। निर्देशक आदित्य धर ने उनके टैलेंट पर विश्वास किया और उन्हें बड़े पर्दे पर मौका दिया। धुरंधर फिल्म में उन्होंने रिजन का किरदार निभाया, जो हमजा का भरोसेमंद साथी है। उनका प्रदर्शन दर्शकों को भावनात्मक रूप से छू गया। मुस्तफा अहमद की कहानी फिटनेस ट्रेनर से अभिनेता बनने तक की राह को दर्शाती है। यह उनकी मेहनत, साहस और बदलाव को अपनाने की क्षमता का प्रतीक है।
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