CJP Protest Violence: राजधानी दिल्ली में बीते दिन 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' मार्च में हिंसक झड़प देखने को मिली। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों और कई वरिष्ठ अधिकारियों और महिला कर्मियों समेत 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं 60 प्रदर्शन कारी भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबकि, प्रदर्शन के दौरान पथराव किया गया और 15 से 20 सरकारी वाहनों सहित सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति पर काबू पाने के लिए करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उपद्रव, पुलिस पर हमला और तोड़फोड़ के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हिंसक झड़प में घायल हुए एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, वह जनपथ स्थित क्लेरिजेस होटल के सामने ड्यूटी पर तैनात थे, तभी अचानक दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। उनके अनुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने और पीछे हटने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तेजी से हिंसक हो गई। अधिकारी ने दावा किया कि कॉन्स्टेबल से लेकर IPS अधिकारियों तक कई पुलिसकर्मी घायल हुए। एक महिला पुलिसकर्मी को गंभीर चोटें आईं, कई जवानों के सिर फूट गए और कई अन्य घायल हुए। उन्होंने यह भी बताया कि एक ASI के गिरने के बाद उन पर दोबारा हमला किया गया, जबकि उन्हें बचाने पहुंचे सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार भी हमले में घायल हो गए।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। साथ ही बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की गई। वहीं पुलिस दावा कर रही है कि हिंसक झड़प के दौरान कुछ उपद्रवियों ने 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया। साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। जनपथ क्षेत्र में कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। इस हिंसा में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के पांच से अधिक आईपीएस अधिकारियों सहित 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, झड़प के दौरान करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।