India on Indus Waters Treaty: भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर अपना कड़ा अपनाया है। सूत्रों की मानें तो सिंधु जल अब अपने वर्तमान स्वरूप में अब कार्य नहीं कर सकती और तब तक निलंबित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपना समर्थन विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब पुराने नियम और सहयोग के ढांचे लागू नहीं होंगे। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा अपने रुख के समर्थन में खुद को पीड़ित दिखाने का प्रयास कारगर नहीं हो रहा है। हाल ही में, पाकिस्तानी पक्ष ने इस मुद्दे को उठाने के लिए कनाडा के विदेश मंत्री से भी संपर्क किया था।
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पाकिस्तान ने किया जल संधि का उल्लंघन
सूत्रों का कहना है कि जल संधि पर किसी भी संभावित विवाद को चरणबद्ध तरीके से सुलझाना होगा। पहले सरकार स्तर पर बातचीत होनी चाहिए, फिर तटस्थ पर्यवेक्षकों से परामर्श लेना होगा और आखिर में मध्यस्थता न्यायालय का सहारा लेना होगा। पाकिस्तान ने सीधे न्यायालय में जाकर संधि की शर्तों का उल्लंघन किया है, इसलिए भारत कार्रवाई करने के लिए बाध्य नहीं है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा खुद को पीड़ित दिखाने का प्रयास कारगर नहीं हो रहा है। पाकिस्तान की ओर से जल भंडार या बांधों के निर्माण पर कोई रोक नहीं है। हालांकि, ऐसा करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है और अब पाकिस्तान इसका दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश कर रहा है, जो दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान पूर्वी नदियों पर भारत की किसी भी गतिविधि की शिकायत करता रहा है, जो भारत के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के इस दावे को कोई स्वीकार नहीं कर रहा है कि भारत ने संधि के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। सूत्रों ने आगे बताया कि पाकिस्तान को 2023 में संधि के प्रावधानों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए कहा गया था, लेकिन पाकिस्तान इसके लिए सहमत नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार, पिछले छह दशकों में भारत की जनसंख्या, विकास संबंधी आवश्यकताओं, जलवायु चुनौतियों और इंजीनियरिंग क्षमताओं में महत्वपूर्ण बदलाव आने के कारण संधि अब वर्तमान परिस्थितियों को प्रतिबिंबित नहीं करती है।
जल संधि पर पड़ा पहलगाम आतंकी हमले का असर
सूत्रों ने आगे कहा कि संधि को स्थगित रखने का फैसला जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे, के बाद 23 अप्रैल, 2025 को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के निर्णय से प्रेरित है और इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन परिस्थितियों में संधि पर बातचीत हुई थी, उनमें मौलिक रूप से बदलाव आ गया है। सूत्रों ने कहा ‘यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से त्याग नहीं देता। यह एक प्रारंभिक शर्त है। पुनर्विचार या पुन: वार्ता का प्रश्न केवल इस शर्त के पूरा होने के बाद ही उठेगा।‘