
Justin Trudeau Resign: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। यह खबर न केवल कनाडा बल्कि भारत में भी चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्रूडो के कार्यकाल को 'मूर्खतापूर्ण नीतियों' और कट्टरपंथी तत्वों के प्रति नरम रुख रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ट्रूडो का इस्तीफा भारत और कनाडा के रिश्तों में सुधार का कारण बनेगा। सिंघवी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "ट्रूडो का इस्तीफा कनाडा और उसके वैश्विक संबंधों के लिए जरूरी था। उनके कार्यकाल में कई गलत नीतियां अपनाई गईं और कट्टरपंथी ताकतों के प्रति सहानुभूति दिखाई गई। हमें उम्मीद है कि उनका इस्तीफा भारत-कनाडा रिश्तों को और मजबूत करेगा।"
ट्रूडो ने इस्तीफे का बताया कारण
ट्रूडो ने कहा कि जैसे ही लिबरल पार्टी नया नेता चुन लेगी, वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में आंतरिक विवादों के चलते वह एक अच्छे उम्मीदवार नहीं हो सकते। ट्रूडो ने कहा, "अगर मुझे अंदरूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा, तो मैं पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा।"
कनाडा में राजनीतिक गतिरोध,लिबरल पार्टी में नए नेता की खोज
ट्रूडो का इस्तीफा कई महीनों से चल रहे संसदीय गतिरोध के बाद आया है। यह कनाडा के इतिहास का सबसे लंबा सत्र रहा। ट्रूडो ने गवर्नर जनरल से संसद का सत्र 24मार्च को समाप्त करने की सलाह दी है, ताकि नया सत्र शुरू किया जा सके। ट्रूडो ने कहा, "हमने देश के लिए बहुत काम किया, लेकिन संसद महीनों से ठप पड़ी है, और यह अल्पमत सरकार का सबसे लंबा सत्र हो चुका है।"
ट्रूडो के इस्तीफे के बाद लिबरल पार्टी नए नेता की तलाश शुरू करेगी। इस दौड़ में कई प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं, जैसे अनीता आनंद, क्रिस्टिया फ्रीलैंड और मार्क कार्नी। ट्रूडो का इस्तीफा कनाडा की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
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