
Journalist Mukesh Chandrakar Postmortem Report: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। जिसके बाद पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। इसी के साथ मुकेश चंद्रकार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश चंद्राकर के सिर पर चोट के 15 निशान मिले हैं। इसके अलावा लीवर के 4 टुकड़े किए गए है। इसी के साथ 5 पसलियों को भी तोड़ा गया है।
आरोपियों ने पत्रकार के सीने पर भी वार किया है। रिपोर्ट के अनुसार पत्रकार मुकेश चंद्रकार का हार्ट फटा हुआ था। पिटाई के दौरान आरोपियों ने पत्रकार के हर हिस्से पर किसी भारी हथियार से वार किया है।
बेरहमी से की पत्रकार की हत्या
जिस डॉक्टर ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बॉडी का पोस्टमार्टम किया, उन्होंने कहा कि मैंने अपने 12 साल के करियर में ऐसा केस नहीं देखा। जिसकी इतनी बेरहमी से हत्या की गई हो। उनका कहना है कि हत्या करने से पहले मुकेश चंद्रकार की बेरहमी से पिटाई की गई थी। उन्होंने ये भी दावा किया है कि पत्रकार की हत्या करने वाले दो या दो से ज्यादा हमलावर हैं।
पत्रकार की हत्या का आरोपी गिरफ्तार
मुकेश चंद्राकर की हत्या के आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने आरोपी को हैदराबाद से अरेस्ट किया है। जिसके बाद अब पुलिस उसे लेकर छत्तीसगढ़ आ रही है। मुकेश चंद्रकार के परिजनों का कहना है कि पत्रकार ने ठेकेदार के भ्रष्टाचार को उजागर किया था।
सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था शव
दरअसल, मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी से लापता थे। जिसके बाद 3 जनवरी को ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी पर स्थित सेप्टिक टैंक से उनका शव बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मुकेश की तलाश के लिए सुरेश चंद्राकर के घर पर छापा मारा था। जांच के दौरान वहां सेप्टिक टैंक से एक शव बरामद हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, शव की हालत काफी खराब थी। लेकिन कपड़ों से उसकी पहचान पत्रकार मुकेश चंद्राकर के रूप में हुई।
करप्शन का है सारा मामला
बता दें, पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के करप्शन को उजागर किया था। मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को बस्तर में 120 करोड़ की सड़क बनाने का ठेका मिला था। पत्रकार मुकेश की हत्या की खबर के बाद ठेकेदार के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था। जांच करने पर पता चला कि मुकेश को आखिरी बार कॉल ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के भाई रितेश ने किया था। इसके बाद 1 जनवरी से ही मुकेश चंद्राकर का फोन बंद आ रहा था।
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