अटल बिहारी वाजपेयी की ज़िंदगी की कुछ अनसुनी बातें, एक व्यक्ति से था गहरा लगाव... जानिए 5 दिलचस्प किस्से

अटल बिहारी वाजपेयी की ज़िंदगी की कुछ अनसुनी बातें, एक व्यक्ति से था गहरा लगाव... जानिए 5 दिलचस्प किस्से

Atal Bihari Vajpayee Memories With Haryana: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति की एक महान शख्सियत थे। उनकी सादगी, विनम्रता और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें लोगों के दिलों में खास स्थान दिलाया। उनके जीवन से जुड़ी कई यादें आज भी लोगों के मन में ताजगी से बसी हुई हैं। आइए जानते हैं अटल जी से जुड़ी कुछ खास बातें।

रोहतक से गहरा जुड़ाव

अटल बिहारी वाजपेयी का रोहतक से गहरा संबंध था। 1960में जब वह जनसंघ से जुड़े थे, तब उन्होंने तीन महीने तक रोहतक के बड़े बाजार स्थित पार्टी कार्यालय में बिताए। यहां उनका करीबी रिश्ता भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉक्टर मंगलसेन से था। 2005में अटल जी ने रोहतक में एक जनसभा को संबोधित किया था, जिससे उन्होंने सभी को अपनी प्रेरणा दी।

सादगी में बेजोड़

अटल जी की सादगी का एक और उदाहरण उनकी खाने की आदतों से मिलता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह बड़ौली बताते हैं कि अटल जी जब हिंदू कॉलेज में संघ शिक्षा वर्ग में शामिल हुए थे, तो उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर आम आदमी की तरह लाइन में लगकर खाना खाया। यह उनके सादा जीवन और उच्च विचार का प्रतीक था।

अटल बिहारी वाजपेयी का जींद से भी गहरा संबंध था। 1981में भाजपा किसान मोर्चा के कार्यक्रम में उन्होंने गोपाल स्कूल में जमीन पर बैठकर गुड़ के साथ रोटी खाई थी। इस घटना ने उनके साधारण जीवन और जनता से जुड़ाव को दर्शाया।

मुस्कान और स्नेह से भरा व्यक्तित्व

रोहतक के सल्लारा मोहल्ले के निवासी मदनलाल बताते हैं कि 1960में अटल जी जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, जब वे रोहतक में तीन महीने तक रहे। अटल जी हमेशा मुस्कुराते रहते थे और उनकी विनम्रता से हर कोई प्रभावित होता था।

1985में जब अटल जी रोहतक में उपचुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं से मिलने आए, तो अजय खनिजो बताते हैं कि अटल जी ने उन्हें अपनी गोद में उठा लिया था। इसके बाद अटल जी ने उनके घर चाय पीने का निमंत्रण स्वीकार किया, जो उनके स्नेहपूर्ण स्वभाव को दर्शाता है।

जेब में हमेशा रखते थे मिसरी और काली मिर्च

अटल बिहारी वाजपेयी के लिए रोहतक में हमेशा मिसरी और काली मिर्च की व्यवस्था की जाती थी, क्योंकि उन्हें इन चीजों से खासा प्रेम था। यह उनकी व्यक्तिगत आदतों और सादगी का एक और उदाहरण था।

रामबिलास शर्मा को दी थी जीप

1980के दशक में अटल जी ने पार्टी की मजबूती के लिए चंदा इकट्ठा करने के दौरान रामबिलास शर्मा को अपनी जीप दी थी। रामबिलास ने 38साल बाद उस जीप के नंबर को याद करते हुए अपनी नई जीप खरीदने का निर्णय लिया है, जिसमें वही नंबर 'यूपी क्यू-2056' होगा।

अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन उनकी सादगी, विनम्रता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक था। आज भी उनकी यादें हमारे बीच जीवित हैं और वे हमें प्रेरणा देती हैं।

Leave a comment