Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि 11 जुलाई की बैठक होनी थी लेकिन अल्प सूचना पर 6 जुलाई को मीटिंग बुलाई गई।
स्वामी गोविंद देव गिरी ट्रस्ट की मीटिंग में कोरम पूरा था। सबसे बड़ा दुख ये है कि जिस हालात का सामना करना पड़ रहा है वह पीड़ादायक है। अनगिनत बलिदानों के बाद इस मंदिर को बनाया गया है। चढ़ावा चोरी का कांड हमारे लिए लज्जाजनक स्थिति है। हम इससे दुखी हैं।
चंपत का इस्तीफा स्वीकार
स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि चंपत राय ने महासचिव पद इस्तीफा दे दिया है। अनिल मिश्रा ने अपना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि चंपत राय के चरित्र पर कोई संदेह नहीं हैं, करीबियों पर भरोसा करना सबसे बड़ी चूक रही है। अब कृष्ण मोहन कार्यवाहक महासचिव के तौर पर काम करेंगे। वो अपनी टीम भी बनाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दान में मिली 2800 वस्तुएं सही सलामत है। 22 जुलाई को ट्रस्ट की अगली मीटिंग होगी। ट्रस्ट ने सीईओ का चयन करने के लिए तीन लोगों की कमेटी गठित की है। इस कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड ले ज विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े को रखा गया है।
Also read: Vindhya Expressway: इन 73 गांवों की जमीनों का होगा अधिग्रहण, किसानों को मिलेगा मोटा पैसा, जानिये कौनसे कौनसे हैं गांव ?
कृष्ण मोहन ने क्या कहा
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि जो भी दोषी होंगे उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। इस प्रकरण से हम सभी दुखी हैं। अब इसमें कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में खामियां रह गई थीं। मेरी प्राथमिकता रहेगी कि कहीं भी खामियां हैं तो उसे सही किया जाए। ट्रस्ट की छवि खराब हुई है। समाज में अविश्वास का भाव बढ़ा है। इस छवि को पुनर्स्थापित करने के लिए जो भी होगा वह करेंगे। हम ट्रस्ट के उद्देश्यों के लिए पारदर्शी रूप से कार्य करेंगे। बता दें कि कृष्ण मोहन रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी हैं और वे पूर्वी यूपी के RSS के संघ संचालक हैं।