Vindhya Expressway: यूपी के प्रयागराज जिले के 73 गांवों के किसानों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। विंध्य एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए इन गावों की जमीनों का अधिग्रहण करने की तैयारियां शुरु कर दी गई है। इसके लिए एक्सप्रेस-वे के एलाइमेंट (रास्ते) पर आने वाले गांवों की जमीनों का सत्यापन कराया जा रहा है।
प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण से प्रयागराज की तहसील सोरांव में 23 गांव, फूलपुर के 24 और हंडिया के 26 गांव प्रभावित होंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 73 ग्रामों में सत्यापन के उपरांत क्रय प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
वहीं, पत्र मिलने के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने एडीएम वित्त और राजस्व विनीता सिंह को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, यूपीडा की ओर से विंध्य एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट से संबंधित मानचित्र व राजस्व अभिलेख से संबंधित तीन प्रतियां जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गईं हैं।
Also read: बुलंदशहर से नोएडा एयरपोर्ट का सफर सिर्फ 20 मिनट में होगा पूरा, गंगा एक्सप्रेसवे का नया लिंक रूट वेस्ट यूपी के लिए होगा गेम चेंजर
इनमें से एक प्रति जनपद मुख्यालय, एक प्रति तहसील मुख्यालय में संरक्षित रखते हुए एक प्रति लेखपाल को स्थलीय सत्यापन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। अगर सत्यापन के दौरान ग्रामों की सीमाओं में भिन्नता या त्रुटियां सामने आती हैं तो उसे सही कराने के लिए संशोधित प्रस्ताव यूपीडा को उपलब्ध कराया जाएगा।
साथ ही एलाइनमेंट में आने वाले राजकीय भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों आदि का निस्तारण जनपद स्तर पर किया जाएगा। जनपद स्तर से जांच कराके यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भूमि के संबंध में कोई वाद किसी न्यायालय में विचाराधीन तो नहीं है।
शामिल होगा परिसंपत्तियों का मूल्यांकन
यूपीडा की ओर से पूर्व में संचालित कई अन्य परियोजनाओं के संदर्भ में आई समस्या को देखते हुए एक्सप्रेस-वे के रास्ते पर अवस्थित परिसंपत्तियों जैसे-भवन, दुकान, बोरवेल, ट्यूबवेल आदि का मूल्यांकन संबंधित राजकीय एजेंसी से शासनादेश में दी गई व्यवस्था के अनुसार करा लिया जाए और उन्हें विक्रय पत्र में शामिल करते हुए विक्रय-पत्र निष्पादित कराए जाएंगे।
Also read: यूपी को मिलेगा 700 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे, 22 जिलों को होगा फायदा
इन गांवों में जमीन की जरूरत
सोरांव तहसील के वारी, सरायलालखातून उर्फ शिवगढ़, मलाक चतुरी, कल्यानपुर उर्फ जंगलपुर, सरायबीर सिंह, गोक्री, वजीराबाद, उदयचंदर, मन्यारा, तिकरिता पड़िला, मरियमपुर, बनकेसरी, बईपुर, बभनपुर डेरा गदाई, थरवई। फूलपुर में कुसूंगर, लखरावां, देवरिया, मलाकामय भैसाही, मथुरा उर्फ पारनडीह, शुकुलपुर, सोपरावारी, बेलवा, दामोदपुर उर्फ तिवारीपुर, जगदेव उर्फ बरेठी, रुद्रापुर, मानसी खुर्द, अटा, कनौजा खुर्द, कनौजा कलां, बीरकाजी, चक अबुसैद उर्फ पूरे मिया, चक मोहम्मद उर्फ पूरेसूद। हंडिया में सराया मांड, देवली, गुर्गो, हिरामनपुर, साहबपुर, सरायममरेज, भदारी, मझियारी, वैरियावां, पूरे मिसिर, निमिवारी, पूरे सतभामा सहित कुल 45 गांवों की सूची अब तक तैयार की जा चुकी है। शेष का सर्वे चल रहा है।
कई जिलों के लोगों को मिलेगा फायदा
यह विंध्य एक्सप्रेसवे सोरांव में गंगा एक्सप्रेसवे के पास जूड़ापुर दांदू से शुरू होगा। सोनभद्र में छत्तीसगढ़ की सीमा पर परसा टोला तक जाएगा। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज के अलावा मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली सहित अन्य तमाम जनपदों को लाभ पहुंचाएगा। इसके अलावा यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा। इसके बनने से दिल्ली, पश्चिमी यूपी और विंध्य क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।