Bihar News: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। अब कुछ विशेष क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले संबंधित भूखंड पर जाकर फोटो खिंचवाना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों, विवादित जमीनों और धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाना है।
नए नियम के तहत जमीन खरीदने और बेचने वाले पक्षों को संबंधित भूखंड पर मौजूद रहकर जियो-टैग्ड फोटो खिंचवानी होगी। इन तस्वीरों को रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिस जमीन की रजिस्ट्री हो रही है, वह वास्तव में मौजूद है और संबंधित पक्षों की जानकारी में है।
जमीन और फ्लैट खरीदना हुआ मंहगा
वहीं दूसरी तरफ सर्किल रेट में बढ़ोतरी के बाद जमीन और फ्लैट खरीदना अब पहले की तुलना में महंगा हो गया है। सरकार द्वारा नए सर्किल रेट को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन का न्यूनतम मूल्य 1.6 गुना और शहरी क्षेत्रों में दोगुना तक बढ़ा दिया गया है। नए दर लागू होने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को अधिक स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होगी। राजधानी के प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में शामिल फ्रेजर रोड समेत कई क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है, जिससे प्रॉपर्टी खरीदने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।
नए सर्किल रेट लागू होने के बाद राजधानी पटना के प्रमुख इलाकों में जमीनों के दामों बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नई दरों के मुताबिक, आवासीय ब्रांच रोड की जमीन का मूल्य 42 लाख रुपये प्रति डिसमिल, आवासीय मेन रोड की जमीन 46 लाख रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित किया गया है। वहीं व्यावसायिक क्षेत्रों में ब्रांच रोड की जमीन 51 लाख रुपये प्रति डिसमिल, मेन रोड की जमीन 60 लाख रुपये प्रति डिसमिल और व्यावसायिक प्रधान सड़क की जमीन की कीमत बढ़कर 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल तक पहुंच गई है। नई दरों के लागू होने से इन क्षेत्रों में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर खरीदारों को पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ेगा।