Maharashtra News: पुणे के वाघोली स्थित उबालेनगर इलाके में पुलिस ने खुद को आध्यात्मिक गुरू बताने वाले एक व्यक्ति समेत उसके सात सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें छह महिलाएं शामिल है। आरोपी का स्वयंभू गुरु मिश्रा है। इस आरोपी ने महिला की स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं का समाधान करने का झांसा देकर उसका विश्वास जीता और फिर लंब समय तक उसका शोषण किया।
टाईम ऑफ इंडिया के एक रिर्पोट के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार हुए स्वयंभू गुरु मिश्रा पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगे हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसने खुद को ईश्वर का अवतार बताकर पिछले 15 वर्षों से उसका शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण कर रहा था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया, उसे अमानवीय यातनाएं दीं, यहां तक कि अपना पेशाब पीने और बिजली के झटके सहने के लिए भी मजबूर किया। इतना ही नहीं, पीड़िता का आरोप है कि गुरु ने उस पर दबाव बनाकर उसके पति से तलाक दिलवाया और उसकी संपत्ति भी अपने नाम करवा ली। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि पुणे शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने वाघोली के उबाले नगर इलाके से 59 साल के खुद को भगवान बताने वाले राधामोहन मिश्रा और उसके सात साथियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें छह महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर कई सालों तक एक महिला का यौन शोषण करने, जबरन वसूली करने और उसे प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस के अनुसार, खराडी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुरी और अघोरी प्रथाओं और काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम' की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक महिला की शिकायत के बाद शुरू की गई, जिसने आरोप लगाया कि मिश्रा ने दैवीय और अलौकिक शक्तियां होने का दावा करके कई सालों तक उसके परिवार को बहला-फुसलाकर अपने काबू में रखा।
शिकायत के अनुसार, 2001 और 2026 के बीच, आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार का भरोसा जीता, उन्हें आर्थिक रूप से धोखा दिया और मानसिक व भावनात्मक परेशानी पहुंचाई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान मिश्रा ने बार-बार उसका यौन शोषण किया।
पुलिस ने आश्रम परिसर में की छापेमारी
पुणे शहर की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अश्विनी सतपुते ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "पीड़िता की शिकायत के आधार पर आश्रम परिसर में छापेमारी की गई और आरोपियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच चल रही है। आरोपी और उसके साथियों ने कथित तौर पर अपने अनुयायियों को प्रभावित करने और उनसे पैसे ऐंठने के लिए मनोवैज्ञानिक हेरफेर, काले जादू का डर और अलौकिक शक्तियों के दावों का इस्तेमाल किया। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कीमती सामान ज़ब्त किए, जिनमें आठ लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, 19 हार्ड डिस्क, 20 कैसेट, 10 डीवीडी, एक डीवीआर मशीन, दो सीपीयू यूनिट और 23 पेन ड्राइव शामिल हैं।
छापेमारी में सोने-चांदी के साथ लाखों रुपये बरामद
पुलिस ने सोने और चांदी के गहनों के साथ 6.60 लाख रुपये नकद भी बरामद किए। ज़ब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य 25.77 लाख रुपये आंका गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधा मोहन मिश्रा (59), स्वामी कमल नयन (58), कीर्ति हंसराज आहूजा (38), कनिका हंसराज आहूजा (34), खुशबू गजेंद्र हुडिया (37), श्वेता अवध बिहारी मिश्रा (37), अमृता अवध बिहारी मिश्रा (32) और श्वेता संजय पांडे (28) के रूप में हुई है।
कई महिलाओं के बयान हुआ दर्ज
पुलिस ने कहा कि आश्रम से जुड़ी कई महिलाओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है कि क्या और लोगों का भी इसी तरह शोषण किया गया या उन्हें धोखा दिया गया।