BPSC और छात्रों की लड़ाई पर मुख्य सचिव और सेक्रेटरी का बयान, पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर लगाया आरोप

BPSC और  छात्रों की लड़ाई पर मुख्य सचिव और सेक्रेटरी का बयान, पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर लगाया आरोप

 BPSC Exam: बिहार के पटना में BPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन अभी भी जारी है। इस आंदोलन के बीच, छात्रों के डेलिगेशन ने मुख्य सचिव से मुलाकात की है। मुख्य सचिव ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिया है कि सीएम नीतीश कुमार पटना लौटेंगे तो उनसे मुलाकात करने की कोशिश की जाएगी।

मुख्य सचिव से बातचीत के बाद डेलिगेशन में शामिल एक अभ्यर्थी ने कहा कि काफी सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है। मुख्य सचिव ने हमारी पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी। तो वहीं, सरकार की तरफ से मुख्य सचिव ने कहा है कि वह इस पूरे मामले को देख रहे हैं। जब तक सरकार फैसला नहीं लेती, गर्दनीबाग में धरना जारी रहेगा।

डेलिगेशन में शामिल अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार क्या फैसला लेती है यह देखना होगा। हमने मुख्य सचिव से छात्रों के ऊपर दर्ज किए गए केस वापस लेने की मांग की है। गड़बड़ी से जुड़े हुए, जो भी सबूत थे वह हमने मुख्य सचिव को दिए हैं। 

परीक्षा में किसी गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला

दूलरी तरफ, बीपीएससी के चेयरमैन परमार रवि मनु भाई ने भी राज्यपाल से मुलाकात की है। राज्यपाल ने उन्हें बीपीएससी का पक्ष जानने के लिए बुलाया था। बीपीएससी चेयरमैन का कहना है कि दोबारा परीक्षा कराने का सवाल ही नहीं उठता. BPSC अभ्यर्थियों से बातचीत करने को तैयार है। उनका कहना है कि हमारे पास राज्य के 912 केंद्रों में से 911 केंद्रों पर परीक्षा में किसी गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं है। इस पर उन्होंने सवाल किया कि किस आधार पर पूरी परीक्षा रद्द करनी चाहिए? 4 जनवरी को केवल एक केंद्र पर दोबारा परीक्षा होगी। जनवरी के अंत तक 70वीं BPSC पीटी परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। 

औकात की धौंस दिखा रहे हैं: पप्पू यादव

बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा प्रशांतजी खुद नए नेता बने हैं और छात्रों को धमका रहे हैं। अपनी औकात की धौंस दिखा रहे हैं! आज जब धेले भर की चुनावी औकात नहीं है तो अहंकार टपक रहा है। छात्रों के सामने बड़ी-बड़ी सरकार उड़ गई आप क्या चीज हैं? छात्र पुलिस से पिट रहे थे आप पीठ दिखा भाग गये, सवाल पूछने पर गाली?

क्या है BPSC अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें?

1. एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को रद कर नए सिरे से आयोजन किया जाए।

2. प्रश्न पत्र की तैयारी से लेकर परीक्षा आयोजित कराने की पूरी प्रक्रिया की गहन जांच हो।

3. प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए एसओपी बने, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी न हो।

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