BPSC Protest: आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर की बिगड़ी तबियत, अस्पताल में कराया गया भर्ती

BPSC Protest: आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर की बिगड़ी तबियत, अस्पताल में कराया गया भर्ती

Protest Prashant Health: BPSC अभ्यर्थियों के समर्थन में 2जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर की आज मंगलवार सुबह तबीयत अचानक बिगड़ गई है। जिसके बाद पटना के मेदांता अस्पताल के डाक्टरों की टीम पीके के स्वास्थ्य का जांच करने शेखपुरा हाउस पहुंची। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अस्पताल ले जाने का सुझाव दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर के समर्थकों ने उन्हें एंबुलेंस में लेकर मेदांता अस्पताल पहुंची। यहां उनका इलाज जारी है। बता दें, वह पिछले 5दिनों से बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ पटना के गांधी मैदान में अनशन पर बैठे थे।

कमजोरी के वजह से बिगड़ी हालत

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह उनकी हालत अच्छी नहीं थी। उनके शरीर में कमजोरी महसूस हो रही थी और वे बुरी तरह थक चुके थे। इसके बाद, एक मेडिकल टीम उनके पटना स्थित आवास पर पहुंची और उनकी जांच की। मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर अजीत प्रधान ने उनका मेडिकल परीक्षण किया और स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। फिलहाल अभी डिहाइड्रेशन समेत अन्य कुछ बातें समाने आईं है। बाकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।  

डॉक्टरों की मानें तो लंबे समय तक बिना भोजन के रहना और शारीरिक तनाव से उनकी सेहत पर विपरीत असर पड़ा है. इसके बाद पीके को उनके घर से सीधे अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में उन्हें पूरी तरह से आराम और इलाज दिया जा रहा है.

प्रशांत किशोर को किया था गिरफ्तार

बता दें, पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को पटना पुलिस सोमवार सुबह करीब 4बजे गिरफ्तार कर लिया था। करीब पांच घंटे बाद उन्हें जांच के लिए फतुहा सीएचसी ले जाया गया। लेकिन, पीके ने स्वास्थ्य जांच से मना कर दिया। इसके बाद पटना पुलिस ने उन्हें सिविल कोर्ट में पेश किया। पटना पुलिस ने प्रशांत किशोर पर सरकारी काम में बाधा और बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करने का आरोप लगाकर केस किया। कोर्ट ने केस की सुनवाई की। पीके को पीआर बॉन्ड पर जमानत दे दी।

लेकिन, प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी भी शर्त पर मुझे बेल नहीं चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि अगर बॉन्ड नहीं भरेंगे तो जेल जाना होगा। कोर्ट में प्रशांत किशोर ने कहा कि धरना प्रदर्शन करना तो हमारा मूल अधिकार है। सामाजिक कारणों के लिए हमलोग ऐसा कर सकते हैं। प्रशांत किशोर ने कोर्ट से कहा कि आप मुझे बेल दे दीजिए लेकिन शर्तों को नहीं मानूंगा। 25हजार का निजी मुचलका भी नहीं भरूंगा। उन्हें बेउर जेल भेज भी दिया गया। लेकिन, कुछ देर बाद ही उन्हें पुलिस ने कोर्ट का आदेश संशोधित होने पर छोड़ दिया। कोर्ट ने सारी शर्तें हटा लीं। इसके सोमवार रात ही प्रशांत किशोर रिहा हो गए।

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