Bihar News: बिहार में गंगा की गाद और मिट्टी को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि अब सरकार गंगा की मिट्टी को रिसोर्स के तौर पर इस्तेमाल करेगी और आम लोगों को मात्र 10 रुपये में उपलब्ध कराएगी।
पटना में एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हमको रिसोर्स बनाना पड़ेगा। हम पूरी तरह पानी के फ्लो को ठीक करेंगे और गाद का प्रबंधन करेंगे। उन्होंने कहा कि गाद प्रबंधन के लिए सरकार ने कानून बनाया है। सम्राट चौधरी ने बताया कि कई ईंट-भट्ठा वालों ने उनसे और विजय सिन्हा से संपर्क किया था कि बारिश से पहले 15 दिन के लिए उन्हें गंगा से मिट्टी काटने की अनुमति दे दी जाए ताकि उनका ईंटा बन जाए। लेकिन उस समय तक कानून नहीं होने के कारण अनुमति नहीं दी जा सकती थी। इसी से प्रेरणा लेकर सरकार ने पूरा प्रबंधन करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि कई जगह त्योहारों के लिए भी लोगों को मिट्टी की जरूरत होती है। आम लोग शहर के दूसरे खेतों से मिट्टी लेने जाते हैं तो 300 से 400 रुपया खर्च होता है। सरकार ने व्यवस्था की है कि गंगा की मिट्टी मात्र 10 रुपये में आम लोगों को दी जाएगी।
अब परमानेंट व्यवस्था करने की जरूरत है- सम्राट चौधरी
बाढ़ को लेकर सम्राट चौधरी ने कहा कि 50 लाख लोग हर साल इससे प्रभावित होते हैं। कितने को GR देंगे, कितनी फ्लड फाइटिंग करेंगे, अब परमानेंट व्यवस्था करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गोतिया तो बदल नहीं सकते, गोतिया वही रहेगा बांग्लादेश, इसलिए पानी का समझौता होना चाहिए, लेकिन मेरे बिहार के हितों की रक्षा के बाद पानी मिले। हमको पहले पानी चाहिए, जो बचता है वो हिस्सा ले।
ग्रीन एनर्जी पर उन्होंने कहा कि 400 किलोमीटर गंगा है, जिसमें करीब 287 किलोमीटर पर सोलर प्लेट लगाई जा सकती है। सरकार किसी भी नदी पर सोलर के लिए जमीन देने को तैयार है, इससे हमारा पैसा भी बचेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और संबंधित मंत्री से लगातार आग्रह किया जा रहा है।