
Shaheed Minar Protest: नए साल के मौके पर बांग्लादेश में भी बहुत कुछ बदल सकता है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि अगले 24घंटे बाद बांग्लादेश में एक और तख्तापलट हो सकता है। क्योंकि जिन छात्र नेताओं के दम पर शेख हसीना को उनके ही देश से खदेड़ दिया गया। आज फिर से वही नेता ढाका के शहीद मीनार पर इकट्ठा होने जा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, आज 31दिसंबर को दोपहर 3बजे ढाका में शहीद मीनार पर एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। यहीं से क्रांति का ऐलान होगा। इस आयोजन का मकसद बांग्लादेश के संविधान को बदलना है। बताया जा रहा कि मोहम्मद यूनुस के सलाहकारों ने इस सभा के लिए 30लाख लोगों को जुटाने का प्लान बनाया है। जिसके लिए जमात-ए-इस्लामी जैसे कटट्रपंथी संगठन प्रचार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी छात्र नेताओं की अपील वायरल की जा रही हैं।
शहीद मीनार से होगा ‘जुलाई क्रांति’ का ऐलान
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट की मानें तो बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चला रहे मुहम्मद यूनुस की प्रेस विंग ने ऐलान किया कि सरकार ‘जुलाई क्रांति’ का ऐलान करने जा रही है। सभी राजनीतिक दलों और छात्रों की मदद से इसे तैयार किया जाएगा। कुछ ही दिनों में इसे देशवासियों के सामने पेश किया जाएगा।
यूनुस के इस ऐलान पर छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार नहीं बल्कि वे ‘जुलाई क्रांति’ का ऐलान करेंगे। मंगलवार को शहीद मीनार पर होने वाली रैली में इसकी घोषणा की जाएगी। बता दें, 5अगस्त को ढाका में हिंसा के जरिए शेख हसीना की लोकतांत्रिक सरकार का तख्तापलट किया गया था। अब एक दूसरे तख्तापलट की सुगबुगाहट ढाका समेत पूरे बांग्लादेश में फैल रही है।
24घंटे बाद बांग्लादेश में तख्तापलट?
ऐसा माना जा रहा है कि संविधान में बदलाव की आड़ में सबसे पहले बांग्लादेश का नाम बदला जा सकता है। सूत्रों की मानें तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बांग्लादेश, इस्लामिक खिलाफ ऑफ बांग्लादेश और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईस्ट पाकिस्तान के नाम में से किसी एक का ऐलान किया जा सकता है। इसके अलावा बांग्लादेश में सुन्नत और शरिया कानून को भी लागू किया जा सकता है।
वहीं, कई लोगों ने कहा कि इसे बांग्लादेश के इतिहास के साथ भद्दा मजाक नहीं तो और क्या कहेंगे? क्योंकि जिस पाकिस्तान से आजादी दिलाने वाले शहीदों की याद में शहीद मीनार बनाई गई। उसी शहीद मीनार से बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान का नाम जोड़ने की साजिश रची जाएगी।
दफन कर देंगे संविधान
छात्रों का कहना है कि वे बांग्लादेश के 1972के संविधान को दफना देंगे। क्योंकि यह ‘मुजीबिस्ट चार्टर’ है। इसने भारत को बांग्लादेश पर राज करने का मौका दिया हैय़ बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अभी फूंक-फूंककर कदम रख रही है। जबकि खालिदा जिया के नेतृत्व वाली मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी ने इसे निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि संविधान में अगर कुछ गलत है, तो उसे बदला जा सकता है। पूरा संविधान नष्ट कर देना गलत फैसला होगा।
Leave a comment