Ankita Kumari Success Story: बिहार के सारण जिले की रहने वाली अंकिता कुमारी ने अपनी मेहनत, धैर्य और संघर्ष से यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मुश्किल मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकती। बचपन में मां को खोने का दर्द, आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां और लगातार मिली असफलताओं के बावजूद अंकिता ने हार नहीं मानी। आखिरकार उन्होंने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा पास कर SDM बनकर अपनी मां का सपना पूरा कर दिया।
छोटी उम्र में ही मां को खोया
अंकिता की मां चाहती थीं कि उनकी बेटी एक दिन प्रशासनिक अधिकारी बने। लेकिन जब अंकिता सिर्फ 12 साल की थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। इतनी छोटी उम्र में मां का साथ छूट जाना उनके लिए बड़ा सदमा था। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और पढ़ाई जारी रखी। घर की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
छपरा में की शुरुआती पढ़ाई
अंकिता ने अपनी शुरुआती पढ़ाई छपरा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से की। इसके बाद उन्होंने राजेंद्र कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। ग्रेजुएशन उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से किया, जहां वह यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं। इसके बाद पटना यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री हासिल की। पढ़ाई में उनकी मेहनत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने तीन बार यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षा भी पास की। हालांकि उनका सपना प्रशासनिक अधिकारी बनना था। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने वर्ष 2022 में बीपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की।
लगातार तीन बार हुई असफल
सफलता का रास्ता आसान नहीं था। लगातार तीन बार वह बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। बार-बार मिली असफलताओं ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इस कठिन दौर में उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया और आगे बढ़ने का हौसला दिया। अंकिता ने अपनी गलतियों से सीख ली और चौथे प्रयास में पहले से ज्यादा मेहनत की। इस बार उन्होंने प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू तीनों चरण सफलतापूर्वक पास कर लिए। 70वीं बीपीएससी परीक्षा में उन्होंने 272वीं रैंक हासिल की और SDM पद के लिए चयनित हो गईं।
अंकिता ने दी सलाह
अंकिता का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए धैर्य, नियमित पढ़ाई और सही रणनीति बहुत जरूरी है। उनका मानना है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक पड़ाव होती है। आज अंकिता कुमारी की सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार का साथ हो तो हर सपना एक दिन जरूर पूरा होता है।
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