"जगजीत सिंह डल्लेवाल को अस्थाई अस्पताल में भर्ती करें", सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को दिया आदेश

Supreme Court Punjab Government: आंदोलन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की बिगड़ती तबीयत को लेकर शुक्रवार यानी 20 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को शंभू बॉर्डर के पास अस्थाई अस्पताल बनाकर जगजीत सिंह को शिफ्ट करने का आदेश दिया है। साथ ही उनकी सेहथ पर नजर बनाए रखने को कहा है। बता दें कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइंया की पीठ कर रही है।

फिर से होगी सुनवाई    

हालांकि, कोर्ट आज दोपहर करीब ढाई बजे फिर से मामले पर सुनवाई करेगा। पंजाब सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि गुरुवार को किसान नेता ने सहयोग किया है और उनके ईसीजी और ब्लड टेस्ट समेत कई टेस्ट करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। गुरुवार को सुनावई पीठ ने पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि डल्लेवाल को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया जाए। कोर्ट ने इसको लेकर इरोम शर्मिला का उदाहरण भी दिया है। जिन्होंने वर्षों तक आंदोलन किया था। वह एक समाजिक कार्यकर्ता हैं। 

26 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे किसान 

इससे पहले सुनवाई पीठ ने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे डल्लेवाल का मेडिकल परीक्षण न कराने के लिए पंजाब सरकार को फटकारा था। बता दें कि, डल्लेवाल 26नवंबर से खनौरी बॉर्डर पर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे हैं, ताकि केंद्र पर आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने का दबाव बनाया जा सके। किसानों की मांगों में फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है।

गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना दिए हुए हैं। हालांकि, किसान दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन, सुरक्षा बलों ने उनके दिल्ली जाने से रोक दिया था। जिसके बाद किसान बॉर्डर पर ही धरने पर बैठ गए थे।                      

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