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जब अलका याग्निक ने पहली बार भोजपुरी में बिखेरा था जादू, 42 साल पहले भैया दूज को बनाया था खास

जब अलका याग्निक ने पहली बार भोजपुरी में बिखेरा था जादू,  42 साल पहले भैया दूज को बनाया था खास

Alka Yagnik first Bhojpuri song: अलका याग्निक बॉलीवुड की वो आवाज हैं, जिन्होंने 90 के दशक में कुमार सानू और उदित नारायण के साथ एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए। 'चांद छुपा बादल में', 'एक दो तीन', 'कुछ कुछ होता है' और 'चुरा के दिल मेरा' जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अलका याग्निक ने भोजपुरी सिनेमा में भी अपनी खूबसूरत आवाज का जादू बिखेरा है।इसकी शुरुआत आज से 42 साल पहले हुई थी। साल 1984 में रिलीज हुई भोजपुरी फिल्म 'भैया दूज' से अलका याग्निक ने भोजपुरी में डेब्यू किया था। इस फिल्म में उन्होंने 4 गाने गाए थे, जिसमें उदित नारायण ने भी उनका साथ दिया था। इन गानों में भाई-बहन के प्यार से लेकर सास-ससुर तक का जिक्र था।

'कहवाँ गईल लरकइयाँ हो...' आज भी है सुपरहिटफिल्म का एक गाना अलका याग्निक की आवाज में ऐसा हिट हुआ कि आज भी फैंस के दिलों में बसा है। गाने के बोल हैं -

"कहवाँ गईल लरकइयाँ हो तनी हमके बता दा..."
"हम त पड़ी तोरे पैया हो तनी हमके बता दा..."
"बगइचा में खोजलीं, खेतवा में खोजलीं"
"अब ना दिखे ऊ खेल-कूद, ना ऊ टोली

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"कौन सी थी फिल्म 'भैया दूज'?

ये फिल्म 1984 में रिलीज हुई थी। इसमें भोजपुरी सुपरस्टार सुजीत कुमार, पद्मा खन्ना, राकेश पांडेय, श्री गोपाल और गौरी खुराना मुख्य भूमिका में थे। फिल्म का संगीत दिग्गज संगीतकार चित्रगुप्त ने दिया था और गाने लक्ष्मण शाहाबादी ने लिखे थे।फिल्म की कहानी एक विधवा मां की है, जो आखिरी समय में अपने बच्चों रामू और बेला को अपनी बहन-जीजा को सौंप देती है। लेकिन वे बच्चों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं, जिससे रामू और बेला घर छोड़कर भाग जाते हैं और फिर भाई-बहन की संघर्ष भरी कहानी आगे बढ़ती है।7 गानों से सजी थी फिल्म'भैया दूज' में कुल 7 गाने थे। अलका याग्निक ने 'कहाँवा गेल लेडकाएँ हो', 'ससुरिया जइहा भइया', 'रतन भैयाके लाली घोड़ी' जैसे गाने गाए, जबकि 'याद रखीहा हमरी पिरितिया' उन्होंने उदित नारायण के साथ मिलकर गाया था। इसके अलावा आशा भोसले का 'लगाते सोलहवा अच्छा भइल', सुरेश वाडकर का 'अपनी छोड़ी से कर दा बियाह' और महेंद्र कपूर का 'डोलिया उठा के' भी इस फिल्म का हिस्सा थे।

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