Uttrakhand News:दुनिया में अगर कोई चीज सबसे ज्यादा जरूरी है, तो वो है पानी। अगर मनुष्य को कुछ दिनों तक खाना ना मिले, तो वह पानी पिलाकर काम चला सकता है। लेकिन, अगर आपसे कोई कह दें कि पानी से लोगों को डर लगने लगा है तो क्या कहेंगे आप। उत्तराखंड के नैनीताल से ऐसी ही हैरान करने वाली खबर आई है।
यहां पानी के कारण लोगों में दहशत फैल गई है। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ज्योलीकोट, गांजा ,सरियाताल समेत आसपास के गांवों में अब तक 100 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। कुछ मरीजों को नैनीताल और कुछ को हल्द्वानी के अस्पतालों में रेफर किया गया है।
दो लोगों की गई जान
हालांकि, रोकथाम के बावजूद दो लोगों की मौत हो गई है। बीमारी फैलने के बाद प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंच रही है और कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सबके लिए दूषित पानी जिम्मेदार है। स्थानीय लोगों के अनुसार लोगों को उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायतें मिली हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमार हुए हैं। बताया जा रहा है कि जिन दो लोगों की जान गई है कि उसमें 26 वर्षीय नीमा जोशी और 16 वर्षीय किशोर जीना शामिल है। इन दोनों की मौत ने माहौल को चिंताजनक बना दिया है। प्रभावित परिवार डरे हुए हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि जल्द इसका निवारण नहीं किया गया तो दिक्कत बढ़ सकती है।
पानी पीने से डर रहे लोग
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके के वाटर सप्लाई टैंक से जुड़े जलस्त्रोतों से दूषित पानी आ रहा है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि नैनीताल शहर की सीवर लाइन से निकलने वाला गंदा पानी किसी जलस्त्रोत से पहुंच रहा है। हालांकि, बीमारी का असली कारण क्या है क्या गंदा पानी के कारण ही लोग बीमार हुए है, इसकी पुष्टी जांच के बाद होगी। फिलहाल स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। कई परिवार सावधानी बरत रहे हैं। अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बढ़ गई है।
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