Uttarakhand News: उत्तराखंड में पशुपालकों को दूध का उचित खरीद मूल्य दिलाने की मांग को लेकर किसान मंच ने आंदोलन का ऐलान किया है। मंगलवार को हल्द्वानी में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन ने राज्य सरकार से पशुपालकों के हित में दो सप्ताह के भीतर ठोस निर्णय लेने की मांग की। किसान मंच ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चंपावत से शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा।
किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि चारा, पशु आहार और पशुओं के इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पशुपालकों को उनकी मेहनत के अनुरूप दूध का मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में घोषित दूध खरीद दरों का हवाला देते हुए उत्तराखंड में भी पशुपालकों के लिए सम्मानजनक मूल्य सुनिश्चित करने की मांग उठाई संगठन के मुताबिक, एक अक्टूबर को डेयरी विकास विभाग के निदेशक को ज्ञापन देकर दो सप्ताह का समय दिया गया है। इस दौरान सरकार से बातचीत और समाधान की उम्मीद है।
प्रदेश प्रवक्ता कुसुम लता बौड़ाई, युवा पहाड़ी के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल तिवारी, संरक्षक पीयूष जोशी और हल्द्वानी ब्लॉक अध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने भी पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पलायन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। किसान मंच ने कहा कि निर्धारित समय में ठोस फैसला नहीं होने पर चंपावत से आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर इसे कुमाऊं और पूरे उत्तराखंड तक विस्तार दिया जाएगा संगठन किसान, पशुपालक और सामाजिक संगठनों से समर्थन भी मांगेगा। मंच ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा।