US Election: अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी सफलता हासिल की है। मिशिगन की अहम सीनेट सीट पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद ने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी माइक रोजर्स को हरा दिया है। इस जीत के साथ अल-सईद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस ने उनकी जीत की पुष्टि की है।
अब्दुल अल-सईद ने जीत के बाद समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, “मिशिगन, हमने कर दिखाया!” उन्होंने अपने समर्थकों, वोटर्स और उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने चुनावी अभियान के दौरान उनका साथ दिया। अल-सईद ने कहा कि उन्हें सीनेटर-इलेक्ट बनने पर गर्व और सम्मान महसूस हो रहा है।
“सबसे कम उम्मीद वाले उम्मीदवार पर भरोसा जताया”
अल-सईद ने अपने चुनावी अभियान को मुश्किल बताते हुए कहा कि मतदाताओं ने ऐसे उम्मीदवार पर भरोसा किया, जिसे शुरुआत में जीत का दावेदार नहीं माना जा रहा था। उन्होंने कहा कि आपने सबसे कम उम्मीद वाले उम्मीदवार पर भरोसा जताया, इसके लिए धन्यवाद। यह जीत आप सभी की है। उन्होंने चर्च, सिनेगॉग और घरों के दरवाजे अपने अभियान के लिए खोलने वाले लोगों का भी आभार जताया। अल-सईद ने कहा कि चुनाव के दौरान उनके खिलाफ की गई बयानबाजी का निशाना केवल वे नहीं, बल्कि उनके समर्थक भी थे। उन्होंने अमेरिका में सभी समुदायों के लिए समान जगह और एकता की बात कही।
डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस दोनों पर हासिल किया नियंत्रण
मिशिगन में अल-सईद की जीत के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चुनावी नतीजे अहम रहे। रॉयटर्स के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में बहुमत हासिल कर लिया। टेक्सास, कंसास, साउथ कैरोलिना और ओहायो जैसे राज्यों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इन नतीजों को अमेरिकी राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। चुनावी विश्लेषण के मुताबिक, महंगाई, रोजमर्रा की बढ़ती लागत और ईरान से जुड़े संघर्ष जैसे मुद्दे मतदाताओं के लिए अहम रहे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मतदाताओं में आर्थिक हालात को लेकर असंतोष ने डेमोक्रेट्स की बढ़त में भूमिका निभाई।