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यूपी कैबिनेट ने विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए, प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से लेकर ओला-उबर के बदले नियम

यूपी कैबिनेट ने विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए, प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से लेकर ओला-उबर के बदले नियम

UP Cabinet Decisions: लखनऊ के लोक भवन में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, रविंद्र जायसवाल और दयाशंकर सिंह ने मीडिया को अपने विभागों से जुड़े फैसलों की जानकारी दी। फैसले परिवहन, आवास, उद्योग, शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण, बांध, डेयरी प्लांट और ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के नियम से जुड़े हैं।

क्या है सबसे अहम नियम?

सबसे अहम निर्णयों में भूमि पंजीकरण से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है। स्टाम्प मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि अब खाता और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच पंजीकरण से पहले अनिवार्य होगी। अधिकारियों को अब भूमि अभिलेखों की पुष्टि करनी होगी, जिससे बिना सही रिकॉर्ड के पंजीकरण नहीं होंगे। इसका मकसद जमीन के लेन-देन में धोखाधड़ी को रोकना, खरीदारों का पैसा सुरक्षित रखना और भूमाफिया पर नज़र रखना है।

ग्राम परिवहन योजना को मंजूरी

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को मंजूरी देने की जानकारी दी। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 12,200 दूरदराज गांवों तक बस सेवाएं पहुंचेंगी। छोटे और मध्यम आकार की 28-सीटर बसें गांवों में रात को पहुंचेगी और सुबह जिला मुख्यालय के लिए रवाना होंगी। प्रत्येक गांव को दिन में कम से कम दो बस ट्रिप्स मिलेंगी। जिला स्तर की समितियां किराया तय करेंगी।

ओला और उबर को लेकर बदले नियम

कैबिनेट ने ऐप आधारित टैक्सी प्लेटफॉर्म जैसे ओला और उबर को अब परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य किया। वाहन ऑपरेटरों के लिए आवेदन शुल्क ₹25,000 और कंपनियों के लिए ₹5 लाख निर्धारित किया गया है। पंजीकरण हर पांच साल में नवीनीकरण योग्य होगा। सरकारी कर्मचारियों के आचार संहिता और वित्तीय प्रकटीकरण नियमों में बदलाव भी किए गए। अब किसी कर्मचारी को दो महीने की मूल वेतन से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदने या बेचने पर अधिकारियों को सूचना देनी होगी। शेयर बाजार में छह महीने की मूल वेतन से अधिक निवेश पर भी घोषणा अनिवार्य होगी।

आवास क्षेत्र में लगभग 19,000 हाउसिंग डिफॉल्टरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना शुरू की जाएगी। पीएम आवास योजना (अर्बन) और मुख्यमंत्री अर्बन विस्तार योजना के तहत आठ शहरों में किफायती आवास परियोजनाओं के लिए बजट मंजूर किया गया।

कई क्षेत्रों में होगा विस्तार

उद्योग और लॉजिस्टिक्स में, मीरट के एक्सप्रेसवे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर बनाए जाएंगे। कानपुर में गंगा पर चार लेन का ब्रिज और सड़कें मंजूर हुई हैं। अयोध्या में खेल परिसर के लिए जमीन हस्तांतरित की जाएगी। बुंदेलखंड पैकेज के तहत बांदा में 20,000 लीटर डेयरी प्लांट स्थापित होगा और झांसी प्लांट का विस्तार 30,000 लीटर तक होगा।

प्रमुख खनिजों की नीलामी के लिए प्लेटफॉर्म और सलाहकार तय किए गए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश उपभोक्ता संरक्षण परिषद के नियमों में संशोधन और भिक्षाटन नियंत्रण अधिनियम में बदलाव भी मंजूर किए गए। इन सभी फैसलों से राज्य में भूमि रिकॉर्ड, ग्रामीण परिवहन, कर्मचारी आचार, आवास, उद्योग, खेल, बांध, डेयरी और डिजिटल टैक्सी सेवाओं में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। अब इन प्रस्तावों को लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। 

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