
Delhi-NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार यानी 10 मार्च की सुबह मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा। कई इलाकों में घना कोहरा छा गया और बिजिबिलिटी कई जगहों पर 600 मीटर के नीचे आ गई। यह नजारा इसलिए हैरान करने वाला था क्योंकि, पिछले कई दिनों से न्यूनतम और अधितकम तापमान सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है।
आईएमडी के मुताबिक आज का घना कोहरा कई मौसमीय कारणों के एक साथ सक्रिय होने से बना है। पश्चिम हिमालय पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, जिसने निचले स्तर पर स्थिर हवा की परत बना दी है। इस स्थिरता के साथ बंगाल की खाड़ी आने वाले हवाएं दिल्ली-एनसीआर तक आएगी। इस मिश्रण ने रात में सतह पर तापमान गिरते ही रेडिएशन फॉग बनने की आदर्श स्थिति बना दी।
मौसम विशेषज्ञ क्या बोले
मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि मौसमीय सेटअप में मार्च की शुरुआत में उत्तर-पश्चिम भारत में घना कोहरा पहले भी दर्ज किया जा चुका है। उदाहरण के लिए साल 2008 में 6-8 मार्च के बीच इसी तरह उत्तर भारत में कई पावर ट्रांसमिशन लाइन में फॉल्ट हुआ था। इसके अलावा 2010 और 2013 में भी कोहरे के कारण ग्रिड ट्रिपिंग और लाइन फॉल्ट जैसी घटनाएं घट चुकी हैं। आईएमडी का कहना है कि मार्च में कोहरा छाना असामान्य नहीं, बल्कि एक विशेष मौसमीय संयोजन का परिणाम है।
आगे की क्या उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि वेस्टर्न डिस्टर्बैंस और नमी की आपूर्ति जारी रहती है, तो अगले 1-2 दिनों तक सुबह हल्का-फुल्का कोहरा छाया रह सकता है। हालांकि, दिन में तेज धूप के कारण तापमान ऊंचा बना रहेगा। गर्मी के बीच अचानक छाए कोहरे ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को हैरान किया है। लेकिन, मौसम विज्ञान के लिहाज से यह एक स्वाभाविक बदलाव है, ऐसा पहले भी हुआ है।
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