UPI Payment System:अभी के दौर में अक्सर लोग ऑनलाइन पेमेंट करना चाहते हैं। यूपीआई ने पेमेंट सिस्टम को आसान बना दिया है। जनवरी 2020 से ग्राहकों और दुकानदारों के लिए यह सुविधा बिल्कुल फ्री रही है। लेकिन, अब इस व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने वाला है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार पेमेंट कानूनों में संशोधन की तैयारी कर रही है, जिसके तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एक तरह का फी लगाया जा सकता है। इस संभावित फैसले से आम दुकानदारों के पेमेंट स्ट्रक्चर में तो बदलाव आएगा ही, साथ ही पेटीएम जैसे कंपनियों को काफी लाभ होगा।
कई प्रक्रियाओं को करना होगा पूरा
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट में बदलाव कर सकती है। इस बदलाव के बाद यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर तय करने का अधिकार सीधे रिजर्व बैंक के पास होगा। एमडीआर वह फीस होती है जो बैंक डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने पर दुकानदारों से वसूले जाते हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, 2,000 रुपये से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 15 से 30 बेसिस पॉइंट का चार्ज लग सकता है। हालांकि, इसे लागू करने से पहले संसदीय मंजूरी और इंडस्ट्री के भीतर कई प्रक्रियाओं को पूरी करनी होगी।
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