Tech Update: Meta के AI Smart Glasses पर कानूनी संकट, प्राइवेसी को लेकर केस दर्ज

Tech Update: Meta के AI Smart Glasses पर कानूनी संकट, प्राइवेसी को लेकर केस दर्ज

Meta AI Smart Glasses Lawsuit: टेक दिग्गज Meta एक बार फिर विवादों के घेरे में है। कंपनी के Ray-Ban Meta AI Smart Glasses को लेकर अमेरिका में एक क्लास एक्शन मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि Meta ने यूजर्स की प्राइवेसी के दावों में झूठ बोला है। यूजर्स का दावा है कि उनके ग्लासेस से कैप्चर की गई इंटीमेट फुटेज, जैसे न्यूडिटी, सेक्सुअल एक्टिविटी और पर्सनल मोमेंट्स, कंपनी के कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा रिव्यू की जा रही है, जो AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल हो रही है। यह मुकदमा 5मार्च 2026को कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में फाइल किया गया।

बता दें, Meta के इन स्मार्ट ग्लासेस को Ray-Ban के साथ पार्टनरशिप में लॉन्च किया गया था, जो AI फीचर्स जैसे वॉइस असिस्टेंट, कैमरा और रियल-टाइम इंफॉर्मेशन प्रदान करते हैं। कंपनी ने मार्केटिंग में दावा किया कि ये ग्लासेस 'प्राइवेसी के लिए डिजाइन किए गए हैं और यूजर के कंट्रोल में हैं।' लेकिन एक जांच से पता चला कि केन्या में स्थित एक सबकॉन्ट्रैक्टर के वर्कर्स यूजर्स की संवेदनशील फुटेज देख रहे हैं, जिसमें बाथरूम यूज जैसे प्राइवेट मोमेंट्स शामिल हैं। प्लेंटिफ्स, न्यू जर्सी की जीना बार्टोन और कैलिफोर्निया के माटेओ कैनू, ने Clarkson Law Firm की मदद से मुकदमा दायर किया, जिसमें प्राइवेसी लॉ वॉयलेशन और फॉल्स एडवरटाइजिंग के आरोप हैं।

कैसे शुरु हुआ विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब स्वीडिश न्यूजपेपर्स ने जांच की और पता चला कि Meta के कॉन्ट्रैक्टर्स इंटीमेट कंटेंट को एनोटेट कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि कंपनी ने यह डिस्क्लोज नहीं किया कि ह्यूमन रिव्यूअर्स उनकी प्राइवेट फुटेज एक्सेस कर सकते हैं, जो प्राइवेसी के उनके दावों को झुठलाता है। Meta ने अभी तक इस मुकदमे पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह केस AI वेयरेबल्स में डेटा हैंडलिंग पर बड़े सवाल खड़े करता है।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे की चर्चा जोरों पर है, जहां यूजर्स प्राइवेसी ब्रिच पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। एक पोस्ट में कहा गया कि यह "प्राइवेसी का माइनफील्ड" है, जो वेयरेबल टेक में सेंट्रलाइज्ड डेटा रिव्यू की समस्या को हाइलाइट करता है।  अगर यह मुकदमा सफल होता है, तो Meta को यूजर्स को कंपनसेशन देना पड़ सकता है और अपनी पॉलिसीज में बदलाव लाना पड़ सकता है।

Leave a comment