
AI Technology In Mahakumbh 2025: अब से कुछ दिनों बाद 13 जनवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ शुरू हो जाएगा। महाकुंभ का यह महा उत्सव 26 फरवरी को संपन्न होगा। भारत में महाकुंभ का महत्व बहुत ही ज्यादा है। इसका अंदाजा आप महाकुंभ में आने वाले भीड़ को देख कर लगा सकते है। बता दें, दुनिया भर में होने वाला यह सबसे बड़ा आयोजन है, जो हजारों वर्षों से चला आ रहा है। इस दौरान देश भर से तो श्रद्धालु संगम नगरी में जुटते ही हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय और विदेशी नागरिक भी भारत आते हैं।
ऐसे में इसकी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। बदलते दौर और डिजिटल युग ने महाकुंभ को और विशाल और भव्य बना दिया है। के लिए सरकार ने करोड़ों का बजट तैयार किया है। लेकिन इस बार का महाकुंभ लेटेस्ट टेक्नॉलजी और आस्था का संगम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं के रहने से लेकर उनकी सुरक्षा तक के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
जगह-जगह क्यूआर कोड
इस साल महाकुंभ में जगह-जगह क्यूआर कोड लगाया गया है। इस कोड के जरिए किसी भी सर्विस के बारे में जानकारी ले सकते है। जैसे प्रशासन, इमरजेंसी हेल्प, होटल और खाना के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। लोग इन क्यूआर कोड को स्कैन करके सही अपना काम और भी आसान बना सकते हैं।
इसके अलावा हर कोड के साथ एक व्हाट्सएप नंबर भी है। इस नंबर से आपको रियल टाइम हेल्प मिलेगी। इसके अलावा सरकार ने गूगल मैप्स के साथ समझौता भी किया है। इससे महाकुंभ के सभी रास्ते और जगह ऑनलाइन देखे जा सकते हैं।
ऐसे होगी महाकुंभ की निगरानी
महाकुंभ की निगरानी के लिए एक हाइ टेक कमांड सेंटर तैयार किया गया है। इसमें बड़ी-बड़ी स्क्रीन इंस्टॉल की गई हैं। यह पूरे एरिया से लाइव वीडियो और डेटा को दिखाती हैं। यहां से ऑफिसर्स भीड़, ट्रैफिक, पार्किंग पर नजर रख सकते है। इन सब के अलाव AI तकनीक की भी मदद ली जा रही है। महाकुंभ में सुरक्षा के लिए स्मार्ट कैमरे और AI का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे हर मूवमेंट पर नजर रखी जा सकती है। साथ ही कोई भी समस्या होने पर उसे तुरंत हल किया जा सकता है।
AI चैटबॉट भी करेंगे मदद
महाकुंभ में आने वाले लोगों को एआई चैटबॉट की मदद से बहुत सी सुविधाएं मिलेंगी। इसके जरिए महाकुंभ की तमाम जानकारी हासिल होगी। इसके साथ ही 11 भाषाओं में संवाद भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करना होगा। यह काम एचटीटीपीएएस स्लैश सीएचएटीबीओटी डॉट केयूएमबीएच डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट आईएन लिंक पर जा कर किया जा सकता है। इसके होम पेज पर महाकुंभ का संक्षिप्त ब्यौरा, आकर्षण, यात्रा और आवास, टूर पैकेज स्क्रीन पर दिखेंगे।
भाषिनी’ ऐप करेगा मदद
इस बार महाकुंभ में सरकार ने ‘भाषिनी’ नामक एप भी लॉन्च किया है। इसकी मदद से मौके पर तैनात पुलिस अधिकारी अलग-अलग भाषाओं में श्रद्धालुओं से बात कर सकते हैं। इसकी मदद से किसी भी फॉरेन टूरिस्ट से उनके भाषा में बात की जा सकती है। इसके अलावा कुंभ में ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ एरिया भी बनाया गया है। जिससे यहां खोए हुए लोगों की जानकारी डिजिटल तरीके से ली जा सकती है।
महाकुंभ के आयोजन को लेकर यूपी के सीएम योगी कहते हैं कि महाकुंभ भारत की समेकित आस्था, सर्वसमावेशी संस्कृति और अटूट एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मिल रही इन सौगातों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास हो रहा है। स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और डिजिटल महाकुंभ 2025 के भव्य-दिव्य आयोजन के लिए राज्य सरकार संकल्पित है।
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