NLSIU Row:अभी NALSAR विवाद ठंडा ही हुआ था कि दूसरा विवाद शुरू हो गया। अब नेशनल लॉ स्कूलों ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी यानी NLSIU के छात्रों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के दीक्षांत समारोह में भाग लेने का विरोध किया है।
NLSIU के छात्रों ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों और फैक्लटी के खिलाफ BCI की ओर से की गई हालिया कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराते हुए NALSAR छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाई है।
छात्रों ने क्यों किया विरोध
NLSIU के छात्रों का कहना है कि दीक्षांत समारोह एक छात्र के जीवन का ऐतिहासिल पल होता है। ऐसे उच्च पदों पर बैठों लोगों को डिग्री देने के लिए आमंत्रित करना अपमानजनक और छात्रों के संघर्षों का मजाक उड़ाना है, जिन्होंने छात्रों का तिरस्कार करने वाला रवैया अपनाया हो। छात्रों ने NALSAR की उस मांग का समर्थन किया। जिसमें उन्होंने CJI को दीक्षांत समारोह के लिए मुख्य अतिथि बनाए जाने पर फिर विचार करने की बात कही थी। NLSIU के छात्रों ने उन्हीं कारणों से दीक्षांत समारोह में CJI की उपस्थिति का विरोध किया है।
NALSAR छात्रों ने की माफी मांगने की मांग
NLSIU समुदाय ने NALSAR मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से लिए गए फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों ने कहा कि BCI को NALSAR के छात्रों से बिना शर्ता माफी मांगनी चाहिए। बयान में BCI से साफ करने को कहा गया है कि अध्यक्ष आधिकारिक लेटरहेड के इस्तेमाल से संबंधित क्या प्रोटोकॉल हैं। छात्रों ने चेतावनी दी कि ऐसे कदमों से सभी यूनिवर्सिटी में असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश है। जिसे अभिव्यक्ति की आजादी पर असर पड़ेगा।
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