'अब यहां विवाद की गुंजाइश नहीं', किरेन रिजिजू ने अजमेर शरीफ में मंदिर का दावा करने वालों को दिया जवाब

'अब यहां विवाद की गुंजाइश नहीं', किरेन रिजिजू ने अजमेर शरीफ में मंदिर का दावा करने वालों को दिया जवाब

Kiren Rijiju On Ajmer Sharif: केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू पहली बार अजमेर दरगाह पहुंते हैं। उन्होंने शनिवार को गरीब नवाज की दरगाह में पीएम मोदी की ओर से भेजी गई मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश किए। इस दौरान उन्होंने देश और दुनिया में शांति और भाईचारे के लिए दुआ की। इस मौके पर रिजिजू ने कहा कि जब मैं प्रधानमंत्री की चादर लेकर दरगाह में आ गया हूं तो फिर दरगाह पर अलग दावा करने वालों को अपने आप जवाब मिल गया है।

रिजिजू का बयान एक तरह से RSS प्रमुख मोहन भागवत के समर्थन में माना जा रहा है। बता दें, हाल ही में मोहन भागवत ने कहा था कि हर रोज मंदिर-मस्जिद विवाद खड़ा करना सही नहीं है। क्योंकि इससे कोई हिंदुओं का नेता नहीं बन जाएगा।

अजमेर दरगाह पर विवाद की गुंजाइश नहीं

किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि अजमेर दरगाह को लेकर विवाद की कोई गुंजाइश नहीं है। चूंकि दरगाह में आंतरिक इंतजाम करने वाली दरगाह कमेटी मेरे मंत्रालय के अधीन आती है। इसलिए हमारा प्रयास है कि दरगाह में जियारत के लिए आने वाले जायरीन को अधिक से अधिक सुविधा मिले। 

पीएम मोदी ने दिया संदेश

इस अवसर पर रिजिजू ने पीएम मोदी का संदेश भी पढ़कर सुनाया। मोदी ने ख्वाजा साहब की शिक्षाओं को सौहार्दपूर्ण बताते हुए देश में अमन चैन की कामना की। रिजिजू कहते है कि ख्वाजा साहब की दरगाह में मुसलमान ही नहीं बल्कि हिंदू, सिख ईसाई बौद्ध आदि सभी धर्मों के लोग आते हैं। इसलिए दरगाह को साम्प्रदायिक सद्भावना की मिसाल माना जाता है।

दिल्ली की दरगाहों की जियारत

चादर पेश करने से पहले, शुक्रवार को किरेन रिजिजू और जमाल सिद्दीकी ने दिल्ली स्थित निजामुद्दीन औलिया और हजरत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की दरगाह पर जियारत की। इसके बाद अजमेर आकर गरीब नवाज की दरगाह पर चादर चढ़ाई। इस दौरान दरगाह परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

किरेन रिजिजू ने लॉन्च किया ऐप

बता दें, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दरगाह के महफिल खाने में एक समारोह में दरगाह कमेटी के विशेष मोबाइल ऐप को भी लॉन्च किया। दरगाह कमेटी की ओर से बनवाई गई इस ऐप से ख्वाजा साहब के जीवन, उनकी शिक्षाओं और दरगाह ख्वाजा साहब एक्ट 1995एवं बाई लॉ, 1958के तहत प्रशासनिक और प्रबंधकीय कार्यों की जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी। इससे कमेटी की प्रशासनिक और प्रबंधकीय सेवा की जानकारी भी ली जा सकती है। 

इसके अलावा कमरों की बुकिंग, ऑनलाइन दान और गुंबद शरीफ और अन्य प्रमुख स्थानों का सीधा प्रसारण मोबाइल ऐप के माध्यम से देखा जा सकेगा। 

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