Search KhabarFast

Press ESC to close

IDBI बैंक बिकने के विरोध में उतरे कर्मचारी, राहुल गांधी बोले- ‘आपकी लड़ाई में साथ हूं’

IDBI बैंक बिकने के विरोध में उतरे कर्मचारी, राहुल गांधी बोले- ‘आपकी लड़ाई में साथ हूं’

IDBI Bank Privatization: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने IDBI बैंक के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बैंक के कर्मचारियों का समर्थन करते हुए चिंता जताई कि निजीकरण के बाद अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों को मिलने वाले आरक्षण पर असर पड़ सकता है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि बैंक के मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों और पेंशन लाभों को सुरक्षित रखा जाएगा। राहुल गांधी ने गुरुवार को IDBI बैंक के कर्मचारियों को लिखे पत्र में सरकार के विनिवेश के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैंक के कर्मचारियों ने मुश्किल दौर में मेहनत करके संस्थान को घाटे से निकालने में अहम भूमिका निभाई है।

राहुल गांधी के मुताबिक, करीब सात साल पहले IDBI बैंक घाटे में था, जबकि पिछले साल बैंक ने 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है, तो सरकार इसे बेचने का फैसला क्यों कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च 2025 में IDBI बैंक के कर्मचारियों के एक समूह ने संसद भवन में उनसे मुलाकात कर बैंक की बिक्री और कर्मचारियों व जमाकर्ताओं के हितों को लेकर चिंता जताई थी।

निजीकरण से आरक्षण पर असर की जताई आशंका

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि IDBI बैंक के निजी हाथों में जाने से SC, ST और OBC उम्मीदवारों के लिए आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कर्मचारियों की सेवा शर्तों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने 2003 में संसद में सरकार की ओर से IDBI बैंक में कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने के दिए गए आश्वासन का जिक्र करते हुए मौजूदा फैसले पर सवाल उठाए। हालांकि, आरक्षण पर असर पड़ने की बात राहुल गांधी की आशंका है। सरकार ने इस संबंध में आरक्षण व्यवस्था को लेकर अलग से क्या प्रावधान होगा, इस पर उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।

52,878 करोड़ में 60.72% हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी

IDBI बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया में 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कनाडा की Fairfax Financial Holdings की सहायक कंपनी 10955230 Canada Inc. को रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी। प्रस्तावित सौदे की कीमत 52,878 करोड़ रुपये है। इसके तहत बैंक की कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी।  इस हिस्सेदारी में केंद्र सरकार की 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। सौदा पूरा होने के बाद केंद्र सरकार के पास बैंक की 15 प्रतिशत और LIC के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रहने का प्रस्ताव है।  

यह सौदा अभी नियामकीय प्रक्रिया के अधीन है। खरीदार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।

सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को लेकर क्या कहा?

केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों की सेवा शर्तों और पेंशन लाभों को लेकर आश्वासन दिया गया है। निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने ANI के साथ बातचीत में कहा था कि शेयर खरीद समझौते के तहत मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों में बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा पेंशनर्स के लिए अलग पेंशन फंड बनाया गया है और उसे बरकरार रखा जाएगा। सरकार के अनुसार, कर्मचारियों और पेंशनर्स से संबंधित आश्वासनों को शेयर खरीद समझौते में शामिल किया गया है।

वित्तीय संकट से उबरने के बाद बिक्री का फैसला

IDBI बैंक की वित्तीय स्थिति एक समय काफी कमजोर हो गई थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने 5 मई 2017 को गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) और घाटे के कारण बैंक को प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) फ्रेमवर्क के तहत रखा था। बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार के बाद RBI ने 10 मार्च 2021 को कुछ शर्तों और लगातार निगरानी के साथ प्रतिबंध हटा दिए। इसके बाद सरकार ने रणनीतिक खरीदार को नियंत्रणकारी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। IDBI बैंक के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर अब बहस बैंक के भविष्य, कर्मचारियों के अधिकारों, आरक्षण और सार्वजनिक क्षेत्र में सरकार की हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। जहां राहुल गांधी ने कर्मचारियों की चिंताओं को उठाया है, वहीं सरकार ने मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों और पेंशन लाभों की सुरक्षा का भरोसा दिया है।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

मॉक संसद की जगह होगा महाभियोग का आयोजन, आखिर कांग्रेस ने क्यों बदला फैसला;जानें कारण

INDIA Block Rally:इंडिया गठबंधन की तरफ से 30 अक्टूबर को जो मॉक संसद का आयोजन होने वाला था, अब उसमें बदलाव किया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हम वैसा कुछ नहीं करना चाहते हैं, जिससे संसद की अवमानना हो। कांग्रेस ने शुक्रवार को होने वाले आयोजन

खड़गे का PM मोदी को ओपन चैलेंज - हिम्मत है तो संसद भंग करके बैलेट पेपर से चुनाव कराकर दिखाओ

Kharge Challenge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष शुक्रवार को INDIA ब्लॉक के कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ "पब्लिक इम्पीचमेंट" प्रस्ताव लाएगा। खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त मोदी और शाह के निर्देश पर काम कर रहे हैं और लोकतांत्रिक नियमों को खत्म करने की कोशिश हो रही है।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast