Neha Bora Case: AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने शांति बनाए रखने के लिए पीस बॉन्ड भरने से एक बार फिर मना कर दिया है। इसके बाद SEM कोर्ट ने उन्हें 20 नवंबर को हाजिर होने को कहा है। नेहा बोरा का तर्क है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना कोई अपराध नहीं है।
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर SEM कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को उन सभी एफआईआर और जांच से जुड़े दस्तावेज नेहा बोरा को देना का आदेश दिया था। वहीं, पुलिस ने सभी दस्तावेज नेहा बोरा को सौंप दिए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज की थी याचिका
इससे पहले 23 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को करार देते हुए तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मामला फिर से SEM कोर्ट में गया।
क्या है ये मामला
दरअसल, ये मामला 16 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर है। 16 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा था। वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को अवैध बताते हुए नेहा बोरा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसी प्रक्रिया के तहत नेहा बोरा को पीस बॉन्ड भरने के लिए कहा गया था लेकिन, उन्होंने भरने से मना कर दिया था।
नेहा बोरा कहा कहना है कि शांति से विरोध-प्रदर्शन करना उनका अधिकार है। अब 20 नवंबर को SEM कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में यह देखना होगा कि नेहा बोरा के पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने इनकार करने के बाद क्या फैसला सुनाती है।
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