Sub-Inspector Recruitment: बिहार में 1799 पदों पर हुई दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट विवादों में घिर गया है। रिजल्ट में कई जगहों पर एक ही कतार में क्रमवार बैठे अभ्यर्थियों के लगातार पास होने का पैटर्न सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इस मामले की जांच कर रही है और उसने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) से इस संबंध में जवाब मांगा है। BPSSC की 68 पेज की रिजल्ट शीट के विश्लेषण में 79 ऐसी जगहों की बात सामने आई है, जहां एक ही कतार में लगातार बैठे अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। कुल करीब 301 अभ्यर्थियों के क्रमवार पास होने का दावा किया जा रहा है। रिजल्ट के कुछ पेज पर लगातार सात, छह और पांच अभ्यर्थियों के सफल होने का पैटर्न भी दिखाई देता है। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने जांच की मांग की है।
EOU ने आयोग से मांगा जवाब
दारोगा भर्ती में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए बनी EOU की SIT ने BPSSC से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। बताया गया है कि EOU ने 3 और 8 सितंबर को आयोग को पत्र भेजे। इसमें सबसे ज्यादा अभ्यर्थियों के सफल होने वाले टॉप-20 परीक्षा केंद्रों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही उन केंद्रों का ब्योरा भी मांगा गया है, जहां क्रमवार रोल नंबर वाले ज्यादा अभ्यर्थी पास हुए हैं। परीक्षा केंद्रों के वीडियो फुटेज भी मांगे गए हैं। आयोग की ओर से जवाब तैयार किए जाने की बात कही जा रही है।
गया और पूर्णिया केंद्र भी सवालों के घेरे में
परीक्षा के दिन गया में सॉल्वर गैंग से जुड़ी प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने एक संदिग्ध सॉल्वर को वॉकी-टॉकी, लैपटॉप और ईयरफोन के साथ पकड़ा था। छात्रों का दावा है कि गया कॉलेज से जुड़े केंद्र पर 1,440 परीक्षार्थियों में से 471 सफल हुए। इसी तरह पूर्णिया के एक परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर भेजे जाने के मामले में भी FIR दर्ज हुई थी। यहां 439 में से 113 अभ्यर्थी सफल हुए।
OMR और आंसर-की को लेकर भी सवाल
अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्होंने RTI के जरिए OMR शीट की कार्बन कॉपी और मॉडल आंसर-की मांगी, लेकिन उन्हें अभी तक जानकारी नहीं मिली। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र और OMR की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के दावे भी सामने आए थे। इन सबको लेकर परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
34 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
मुख्य परीक्षा में कुल 34,298 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 10,759 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए चुना गया। अब क्रमवार अभ्यर्थियों के सफल होने और परीक्षा केंद्रों से जुड़े आरोपों की जांच पर सबकी नजर है। EOU की जांच और BPSSC के जवाब से ही स्पष्ट होगा कि रिजल्ट में सामने आया यह पैटर्न महज संयोग है या इसके पीछे कोई गड़बड़ी हुई है।
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