Petrol-Diesel: पेट्रोल-डीजल और जेट फ्यूल को लेकर बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने एक जुलाई यानी बुधवार से पेट्रोल-डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले टैक्स में बदलाव किया है। सरकार ने पेट्रोल पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है। जबकि डीजल और एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स कम कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर SAED यानी विशेष अतिरिक्त एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर 8.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है।
जबकि पहले 14 रुपए प्रति लीटर था। दूसरी तरफ एटीएएफ यानी एविएशन टर्बाइन पर फ्यूल शुल्क 12.5 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 7.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। दूसरी ओर पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला टैक्स 1.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 4 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है।
एक जुलाई से लागू होंगी नई दरें
पेट्रोल-डीजल और एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स में किए गए इस बदलाव का असर सभी तेल कंपनियों पर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, ये संशोधित दरें बुधवार यानी एक जुलाई से लागू हो गई है। केंद्र सरकार ने मार्च में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर ये विशेष टैक्स लगाया था। शुरुआत में डीजल और एटीएफ पर शुल्क लगाया गया था। जबकि मई में पेट्रोल पर भी ये लागू किया गया था। वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले निर्यात पर पहले दी गई छूट को अब मॉरिशस और मालदीव तक बढ़ा दिया गया है।
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क्या डीजल-पेट्रोल के दाम पर पड़ेगा असर
अब सवाल है कि एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से क्या पेट्रोल-डीजल के दाम पर असर पड़ेगा। इसका जवाब है कि सीधे पर नहीं। इंडियन ऑयल, एचपी या भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां जो विदेश से तेल निर्यात करती है, उनपर ये टैक्स लगेगा। ये कंपनियां जो तेल विदेशों में एक्सपोर्ट करेंगी, ये टैक्स उनके लिए हैं।यानी तेल के इंपोर्ट यानी आयात पर ये टैक्स नहीं लगता है। सरकार विंडफॉल टैक्स इसलिए बढ़ाती है, ताकी ये देश से कम तेल एक्सपोर्ट हो और यहां तेल पर कमी न हो।