Types Of Solar Panel: गर्मी के सीजन में बिजली की खपत बढ़ जाती है। लोग पंखा,एसी से लेकर कूलर तक इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। जिसके कारण कई बार बिजली में कटौती देखी जाती है। हालांकि, इस बिजली की कटौती से निपटने के लिए लोगों के पास सोलर पैनल लगाने का ऑप्शन है।
मार्केट में कई तरह के सोलर पैनल उपलब्ध है लेकिन, ग्राहक अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि कौन सोलर पैनल उनके लिए बेहतर हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि मार्केट में कितने प्रकार के सोलर पैनल होते हैं और कौन सा अच्छा होता है।
मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल क्या होता है
बिजली बचान के मामले में मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल को सबसे अच्छा माना जाता है। इनकी बिजली बनाने की क्षमता 20-30 फीसदी तक है। यह सोलर पैनल दिखने में गहरे काले रंग के होते हैं। इन्हें बनाने के लिए एक सिंगल सिलकॉन क्रिस्टल का इस्तेमाल होता है। यह कम धूप में भी ज्यादा बिजली बनाता है। हालांकि, इस तरह के सोलर पैनल महंगे जरूर हैं।
पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल क्या होता है
इस तरह के सोलर पैनल नीले रंग के होते हैं। यह सिलिक़ॉन के कई टुकड़ो को आपस में पिघलाकर तैयार किए जाते हैं। हालांकि, इस तरह के सोलर पैनल बनाने की क्षमता थोड़ी कम होती है, जो की आमतौर पर 15 से 17 फीसदी के बीच रहती है। इस तरह के सोलर पैनल का इस्तेमाल कम होता है क्योंकि, इसे पुरानी तकनीक माना जाता है।
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थिन-फिल्म सोलर पैनल
थिन-फिल्म सोलर पैनल काफी पतले और हल्के होते हैं। यह दिखने में नीले और काले रंग के होते हैं। थिन-फिल्म सोलर पैनल किसी सामान्य क्रिस्टल वाले पैनल से लगभग 350 गुना तक पतले होते हैं। इन्हें बनाने के लिए कई अलग-अलग मटीरियल जैसे की कैडमियम टेल्यूराइड या CIGS का इस्तेमाल होता है। इसकी बिजली बनाने की क्षमता 11 से 16 फीसदी तक होती है। इसका इस्तेमाल अक्सर गाड़ियों, नावों या फिर कमर्शियल कामकाज के लिए होता है।