Protest In Iran:अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के तनाव के बीच एक बार फिर जनता सड़क पर उतर चुकी है। ईरान की सड़कों पर प्रदर्शनकारी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची के इस्तीफे की मांग की है।
उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में दर्जनों लोगों ने विदेश मंत्रालय के कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए अराघची इस्तीफा दो की मांग की। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौता ईरान के रणनीतिक हितों के खिलाफ है और सरकार ने अमेरिका के सामने जरूरत से ज्यादा छूट दे दी हैं।
ईरान के कट्टरपंथी राजनीतिक गुटों के अनुसार कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते की मौजूदा शर्तें तेहरान के रणनीतिक हितों को कमजोर कर देगी। उनका आरोप है कि इस समझौते से ईरान की होर्मुज स्ट्रेट पर पकड़ मजबूत नहीं रह जाएगी, जो उसकी सबसे बड़ी सामरिक ताकतों में से है। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के का कहना है कि यह शांति समझौता रविवार यानी 14 जून तक अंतिम रूप ले सकता है और इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जाएगा।
अराघची के बयान पर विवाद
बता दें कि विवाद उस समय और बढ़ गया जब राज्य टीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का प्रावधान शामिल है। यह नाकेबंदी अमेरिका ने ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही रोकने के बाद की थी। अराघची ने कहा कि 'होर्मुज स्ट्रेट का प्रशासन पहले जैसा नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इसे ईरान की प्रमुख प्रतिरोधक रणनीति हिस्सा करार दिया।