Baruipur Murder Case: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोमवार को कहा कि यौन हिंसा के सभी अपराध ‘समान रूप से भयावह’ हैं और पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। दरअसल, कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या पर की गई है। उन्होंने सत्ता में मौजूद पार्टी के आधार पर अपराधों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति की आलोचना की। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी पीड़िता के परिवार से मिलने जाना चाहती थीं, लेकिन पार्टी का आरोप है कि भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण उन्हें घटनास्थल तक जाने से रोककर प्रभावी रूप से नजरबंद कर दिया गया था।
पवन खेड़ा ने उठाया सवाल
पवन खेड़ा ने कहा ‘विपक्ष की देखरेख में होने वाला बलात्कार एक बड़ा मुद्दा बन जाता है। और यह सही भी है, समाज और सरकारों को जगाने के लिए सभी बलात्कारों को एक बड़ा मुद्दा बनाया जाना चाहिए। लेकिन अगर भाजपा सरकार की देखरेख में बलात्कार होता है, तो विपक्ष को नजरबंद कर दिया जाता है। सभी बलात्कार समान रूप से भयावह हैं, और उन्हें इस नजरिए से नहीं देखा जा सकता कि आप किस राजनीतिक दल से संबंधित हैं।‘
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TMC सांसद डोला सेन ने सरकार को घेरा
टीएमसी सांसद डोला सेन ने सवाल उठाया कि क्या यह तैनाती पूर्व मुख्यमंत्री को नजरबंद करने का प्रयास है। डोला सेन ने पत्रकारों से बाचतीत करते हुए कहा ‘बंगाल और कोलकाता में क्या हो रहा है? बरुईपुर में जो हुआ वह सभी जानते हैं। दीदी (ममता बनर्जी) एक जन नेता हैं। इतनी जघन्य घटना के बाद वह वहां जाना चाहती थीं। लेकिन क्या उन्होंने उन्हें नजरबंद कर दिया है? क्या ऐसा करके वे दीदी को रोक पाएंगे? मुझे इसी वजह से यहां आना पड़ा। बिना किसी कारण के इतने सारे पुलिस अधिकारियों को यहां तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन जो भी कर रहा है, वह सही नहीं है। यह एक अति आपातकालीन स्थिति है।‘