Ganga Expressway Project: उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे अब सिर्फ एक सड़क नहीं रह गई है। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ता है। लेकिन अब इस एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ नए स्मार्ट शहर, विशाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स और एडवांस कमर्शियल हब बनाए जाएंगे। यूपी सरकार और यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) का दावा है कि यह प्रोजेक्ट राज्य को न सिर्फ कनेक्टिविटी बल्कि औद्योगिक और आर्थिक रूप से भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। बता दें, 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था।
गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ होगा औद्योगिक विकास
दरअसल, गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारी चल रही है। एक्सप्रेसवे के आसपास नए औद्योगिक शहर, वेयरहाउसिंग हब, फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क और लॉजिस्टिक्स जोन जैसी सुविधाओं को स्थापित किया जाएगा। UP सरकार गंगा एक्सप्रेसवे को सिर्फ यातायात के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन बनाने का प्लान है। जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिल सकें।
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12 जिलों की बदलेगी तस्वीर
इस मास्टरप्लान के तहत मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों का विकास किया जाएगा। इसके लिए जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। जिसके लिए सभी 12 जिला प्रशासनों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे वे एक्सप्रेसवे के पास जमीन की पहचान कर तुरंत उनका सर्वे शुरू कर दें।
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत पश्चिमी यूपी के मेरठ में सबसे बड़ा औद्योगिक विकास होने जा रहा है। जिसके लिए मेरठ में 800 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर एक मेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसका काम भी शुरु हो चुका है। इसके अलावा बाकी के 11 जिलों में भी औद्योगिक विकास की तैयारी है।