Odisha Child Birth Case: रविवार को ओडिशा से एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। यहां एक गर्भवती महिला ने अपनी यात्रा के दौरान चलती ट्रेन में अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद जब महिला और उसके नवजात बच्चे को अस्पताल ले जाया जा रहा था, उसी दौरान महिला ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी मेडिकल सहायता के महिला और दोनों जुड़वां बच्चे एकदम स्वस्थ हैं।
ट्रेन में हुआ पहले बच्चे का जन्म
दरअसल, ये पूरा मामला राउरकेला-गुनुपुर राज्यरानी एक्सप्रेस से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि महिला अपनी गर्भावस्था के दौरान इसी ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रही थी। लेकिन इसी बीच अचानक उसे तेज प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई। महिला की हालत बिगड़ती को देखते हुए ट्रेन में मौजूद साथी यात्रियों ने रेल मदद पोर्टल के जरिए रेलवे अधिकारियों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही रेलवे विभाग ने तत्परता दिखाई और कटक रेलवे स्टेशन पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की एक विशेष टीम को तुरंत तैनात किया। लेकिन ट्रेन कटक स्टेशन पहुंचती, उससे पहले ही महिला ने चलती ट्रेन में अपने पहले बच्चे (बेटा) को जन्म दिया।
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एम्बुलेंस में हुआ दूसरे बच्चे का जन्म
अब जैसे ही राज्यरानी एक्सप्रेस कटक रेलवे स्टेशन पहुंची, पहले से तैयार खड़ी टीम ने प्लेटफॉर्म पर तुरंत एक सुरक्षित घेरा बनाया ताकि महिला की निजता बनी रहे। इशी बीच, स्टेशन पर मौजूद एक फार्मासिस्ट ने आगे आकर मां और नवजात बच्चे की प्राथमिक देखभाल की। लेकिन मसला इन्हीं खत्म नहीं हुआ। दरअसल, महिला जुड़वा बच्चों की मां बनने नाली थी। इसलिए बिना देरी से महिला को एम्बुलेंस से पास के एक हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन रास्ते में ही महिला ने दूसरे बच्चे को जन्म दे दिया।
मां और दोनों जुड़वा बच्चे पूरी तरह स्वस्थ
जिसके बाद बिना किसी देरी के महिला को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मां और दोनों बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ बताया। फिलहाल अभी उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। यह घटना न सिर्फ चिकित्सकीय रूप से दुर्लभ है, बल्कि रेलवे स्टाफ और आम लोगों की मानवीय संवेदना का भी बेहतरीन उदाहरण है। क्योंकि दोनों बच्चों का जन्म चलती गाड़ी में हुआ। इस दौरान मेडिकल सुविधा भी सीमित थी। लेकिन बिना किसी तकलीफ के दोनों बच्चों की स्वस्थ डिलीवरी किसी चमत्कार से कम नहीं है।