Student Protesters on NEET Paper Leak: NEET परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ कार्यकर्ताओं और छात्रों का आंदोलन जारी रहने के कारण बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में टॉल्स्टॉय मार्ग और जनपथ पर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा, आरएसएस और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने चलती कारों और बसों को रोकने की कोशिश की, जबकि कुछ ने कथित तौर पर सड़क पर पानी की बोतलें फेंकीं। कई प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट भी गए, जिससे यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हुई।
इस मामले में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस का कर्तव्य जनता की सेवा करना है। लेकिन क्या वे वास्तव में जनता की सेवा कर रहे हैं? अगर वे बातचीत करना चाहते, तो बहुत पहले ही कर चुके होते। उन्होंने साफ तौर पर कहा ‘पेपर लीक हुआ है, और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा।‘ एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह आंदोलन अब सिर्फ NEET परीक्षा तक सीमित नहीं है। हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और आगे कोई भी पेपर लीक न हो।‘
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस आंदोलन के दौरान हुई झड़पों में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और सहायक आयुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारी और कई महिला अधिकारी शामिल हैं। तो वहीं, झड़पों में लगभग 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए।
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प्रदर्शनकारियों की 3 प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने अपने आंदोलन को समाप्त करने के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। मुख्य न्यायिक समिति के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा ‘पहली मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। दूसरी मांग नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। तीसरी मांग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं और हम सरकार से यह गारंटी चाहते हैं कि भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऐसी कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।‘ दास ने आगे कहा कि उन्होंने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बात की, जो अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं, और दोनों इस बात पर सहमत हुए कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहना चाहिए।
सौरव दास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। चो वहीं, बीते दिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक बयान दिया। जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक मामले पर गहन चर्चा की आवश्यकता है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए, का जवाब देते हुए दास ने शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।