Tiger Tunnel Project: भारत के सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। राजस्थान के कोटा जिले में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे देश की पहली 8-लेन 'टाइगर टनल' अब वाहनों के लिए खुल गई है। 4.9 किलोमीटर लंबी इस सुरंग को ‘टाइगर टनल’ के नाम से जाना जा रहा है। इससे यात्रा का समय भी कम होगा। साथ ही, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
वन्यजीव संरक्षण और विकास का संतुलन
आमतौर पर बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगते हैं, लेकिन इस परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ऐसे में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में टनल बनाना एक बड़ी चुनौती थी। इस सुरंग को बनाने में करीब 95,000 करोड़ का खर्चा किया गया, जिसे लगभग 4.6 साल में बनाया गया।
बता दें, यह सुरंग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (दिल्ली-वडोदरा खंड) का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जंगल और बाघों के प्राकृतिक आवास के नीचे से गुजरती है। यानी सभी गाड़ियों की आवाजाही भूमिगत होगी, जबकि ऊपर बाघों समेत अन्य जानवरों की आवाजाही के लिए रास्ता एकदम सुरक्षित रहेगा।
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दिल्ली से मुंबई का सफर होगा आसान
दूसरी तरफ, अब अगर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की बात करें तो इस कॉरिडोर की लंबाई लगभग 1,386 किलोमीटर है। इससे दिल्ली से मुंबई की यात्रा अब सिर्फ 12 घंटे में पूरी हो जाएगी। जो पहले 24 घंटे से ज्यादा का समय लेती थी। 8 लेन वाला ये एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है।